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बीकानेर में खाकी दागदार! सैंडविच के विवाद में कैफे संचालक को पीटा, नशे में धुत पुलिसकर्मियों पर कपड़े उतरवाकर गले पर लात मारने के आरोप

India-1stNews



– आधी रात को हंगामा: नयाशहर थाना क्षेत्र के 'द वन कैफे' की घटना; पीड़ित ने 16 सेकंड का वीडियो होने का किया दावा, थाने के बाहर जुटी भारी भीड़।

– गंभीर आरोप: शराब के नशे में थे नाइट डी.ओ. सुदेश और साथी; पीड़ित बोला— 'वीडियो बनाने पर उग्र हुए पुलिसकर्मी, जबरन गाड़ी में डालकर की मारपीट'।

बीकानेर, 9 मार्च (सोमवार)। बीकानेर के नयाशहर थाना क्षेत्र में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात पुलिस के 'रक्षक से भक्षक' बनने का कथित मामला सामने आया है। जस्सुसर गेट के बाहर स्थित ‘द वन कैफे’ (THE ONE CAFE) के संचालक उमेष ओझा ने नाइट ड्यूटी ऑफिसर (D.O.) और उनके साथियों पर गंभीर मारपीट और अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं।

सैंडविच मांगने से शुरू हुआ विवाद

​पीड़ित उमेश ओझा ने थानाधिकारी को सौंपे परिवाद में बताया कि रात करीब 1 बजे वह अपने साथी अभिषेक व्यास के साथ कैफे बंद करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान गश्त पर निकले नाइट डी.ओ. सुदेश अपने साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और सैंडविच बनाने को कहा। जब उमेश सैंडविच बनाने लगा, तो एक अन्य पुलिसकर्मी ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।

शराब का नशा और अमानवीय व्यवहार

​शिकायती पत्र में उमेश ने चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं: आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए उसे जबरन पुलिस वाहन में बिठा लिया। पीड़ित का दावा है कि गाड़ी के अंदर उसके कपड़े उतरवाए गए और गले पर लात से वार किया गया। साथ ही तीन-चार अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उसे थप्पड़ मारे। उमेश का आरोप है कि नाइट डी.ओ. और अन्य पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत थे। पीड़ित ने घटना का करीब 16 सेकंड का वीडियो होने का भी दावा किया है, जिसे लेकर पुलिसकर्मी और अधिक उग्र हो गए थे।

थाने के बाहर प्रदर्शन और राजनीतिक गरमाहट

​घटना की सूचना मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष वेद व्यास समर्थकों के साथ नयाशहर थाने पहुँचे। उन्होंने कहा कि मेहनत कर अपनी दुकान चलाना कोई अपराध नहीं है। यदि पुलिसकर्मियों ने नशे में मारपीट की है, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा। देर रात तक थाने के बाहर लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और दोषी पुलिसकर्मियों से माफी की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस का पक्ष और जांच

​दूसरी ओर, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का तर्क है कि वे देर रात तक कैफे खुला होने के कारण उसे बंद करवाने गए थे, जिस पर विवाद हुआ। फिलहाल पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।


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