– भरोसे का फायदा: रंजीतपुरा निवासी गोपीराम जाट के खिलाफ मुकदमा दर्ज; ₹3.19 लाख की बकाया राशि डकारने का आरोप
– इमोशनल ड्रामा: "पैसे नहीं दिए तो समाज में नाक कट जाएगी", दुहाई देकर ले गया जेवरात; फसल कटने पर रुपये देने का किया था वादा
बीकानेर, 4 मार्च (बुधवार)।पुरानी जान-पहचान और विश्वास पर व्यापार करना बीकानेर के बज्जू निवासी एक स्वर्ण व्यापारी के लिए मुसीबत बन गया है। एक ग्राहक ने 'मायरे' की रस्म निभाने की दुहाई देकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण उधार बनवा लिए और अब बकाया राशि देने के नाम पर हाथ खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी स्वर्ण व्यापारी बद्रीलाल सोनी (निवासी बज्जू) ने पुलिस को बताया कि रंजीतपुरा निवासी गोपीराम जाट (पुत्र तुलसीराम साई) उनकी दुकान पर आया था। गोपीराम ने अपने परिवार में मायरा भरने के लिए सोने-चांदी के आभूषणों का ऑर्डर दिया। कुल आभूषणों की कीमत ₹6,11,672 तय हुई। गोपीराम ने एडवांस के तौर पर ₹2,92,000 जमा करवाए। शेष ₹3,19,672 के लिए उसने व्यापारी को विश्वास दिलाया कि फसल कटते ही वह पाई-पाई चुका देगा। उसने भावुक होते हुए कहा कि अगर आज गहने नहीं मिले तो समाज और रिश्तेदारी में उसकी 'नाक कट' जाएगी।
विश्वास में आकर दिए गहने
व्यापारी बद्रीलाल ने करीब 15-20 साल पुरानी जान-पहचान और गोपीराम की बातों पर भरोसा करते हुए 13 मार्च 2025 को तैयार गहने उसे सुपुर्द कर दिए। गोपीराम ने फिर से वादा दोहराया कि 2-3 माह में फसल बेचकर वह बकाया राशि लौटा देगा।
धोखाधड़ी का खुलासा
दो महीने बीतने के बाद जब बद्रीलाल ने अपनी बकाया राशि मांगी, तो पहले तो गोपीराम ने फसल न कटने का बहाना बनाकर समय मांगा। लेकिन जब व्यापारी ने दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ कह दिया कि वह रुपये नहीं लौटाएगा। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी ने बज्जू पुलिस थाने की शरण ली है।
पुलिस की कार्रवाई
बज्जू पुलिस ने आरोपी गोपीराम जाट के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले के लेन-देन के दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

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