– बाल-बाल बचे लोग: गनीमत रही कि नीचे खड़े किसी व्यक्ति पर नहीं गिरा सांड; घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा वायरल।
– प्रशासन की अनदेखी: एक दिन पहले ही जिला कलक्टर के सामने उठाई गई थी बेसहारा पशुओं की समस्या; हादसे के बाद लोगों में भारी रोष।
बीकानेर, 11 मार्च (बुधवार)। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में बेसहारा पशुओं की समस्या अब जानलेवा साबित होने लगी है। बुधवार को कस्बे के मुख्य बाजार स्थित एसबीआई (SBI) शाखा के पास उस समय सनसनी फैल गई, जब एक भारी-भरकम सांड अचानक एक मकान की छत पर जा पहुँचा। उसे नीचे उतारने की कोशिशें जारी ही थीं कि सांड ने छत से सीधे सड़क पर छलांग लगा दी।
मचा हड़कंप, टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड को छत पर देखकर नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। लोग उसे सुरक्षित नीचे उतारने का रास्ता तलाश रहे थे, लेकिन सांड ने अचानक नियंत्रण खोया या घबराहट में छत से नीचे छलांग लगा दी। जिस समय सांड नीचे गिरा, वहां कई लोग मौजूद थे। अगर सांड किसी राहगीर या वाहन चालक पर गिरता, तो मौके पर ही बड़ी जनहानि हो सकती थी।
समस्या पुरानी, समाधान नदारद
कस्बे के बाजार और मोहल्लों में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है।आवारा सांडों की लड़ाई और उनके अचानक सड़क पर आने से आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।गौरतलब है कि मंगलवार को ही जिला कलक्टर की बैठक में 'आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति' के अध्यक्ष जतनसिंह राजपुरोहित ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया था। उन्होंने प्रशासन को आगाह किया था कि बेसहारा पशुओं का स्थाई प्रबंधन नहीं हुआ तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
जनता की मांग: नंदीशाला या गौशाला में हो शिफ्टिंग
कस्बे वासियों का कहना है कि प्रशासन केवल बैठकों तक सीमित है। बाजार में इन पशुओं के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका और प्रशासन तुरंत अभियान चलाकर इन पशुओं को नंदीशाला या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करें ताकि आमजन चैन की सांस ले सके।

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