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बीकानेर: 70 करोड़ की हेरोइन तस्करी का पंजाब जेल कनेक्शन: पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क का खुलासा; जयपुर से दो 'डिलीवरी मैन' गिरफ्तार

India-1stNews



​– बड़ी साजिश: अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए आई हेरोइन की सप्लाई; पंजाब जेल में बनी थी पाकिस्तानी तस्करों से जान-पहचान।

जब्ती: स्कूटी हादसे के बाद बरामद हुई थी 14 किलो हेरोइन; बाजार में कीमत करीब 70 करोड़ रुपए।

इनामी आरोपी: मुख्य सरगना राकेश प्रजापत पर 25 हजार का इनाम घोषित; दिल्ली और बेंगलुरु तक फैले हैं नेटवर्क के तार।

बीकानेर, 29 अप्रैल (बुधवार)। ​राजस्थान से पंजाब और फिर पाकिस्तान तक फैले अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क का बीकानेर पुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। 70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामदगी मामले में पुलिस ने जयपुर से दो युवकों को हिरासत में लिया है। जांच में इस हाई-प्रोफाइल तस्करी का कनेक्शन पंजाब की जेल और पाकिस्तान से जुड़े ड्रोन नेटवर्क से सामने आया है।

हादसे ने खोल दिया तस्करी का 'राज'

इस पूरे मामले का खुलासा 22 अप्रैल को एक सड़क हादसे के बाद हुआ। पूगल रोड पर स्कूटी सवार खेताराम मेघवाल एक नीलगाय से टकराकर घायल हो गया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची और स्कूटी की तलाशी ली, तो उसमें से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 70 करोड़ रुपए आंकी गई है। खेताराम फिलहाल पीबीएम अस्पताल में भर्ती है, लेकिन पूरी तरह होश न आने के कारण अभी उसके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।

जयपुर के दो कैटरिंग कर्मी गिरफ्तार

पुलिस ने जयपुर में कैटरिंग का काम करने वाले राहुल रावत और प्रशांत कयाल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि ये दोनों मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत के लिए 'डिलीवरी मैन' के रूप में काम कर रहे थे। ये पहले भी पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई खेप को आगे पहुंचाने का काम कर चुके हैं।

पंजाब जेल में बनी थी पाकिस्तानी तस्करों से दोस्ती

मामले का मास्टरमाइंड पाली निवासी राकेश प्रजापत है, जो अभी फरार है। जांच में पता चला कि राकेश पहले पंजाब की जेल में बंद था, जहाँ उसकी मुलाकात पाकिस्तान से जुड़े तस्करी नेटवर्क के लोगों से हुई। जेल से बाहर आने के बाद उसने बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर को तस्करी का अड्डा बनाया। राकेश के खिलाफ पाली में डकैती के 7 और पंजाब में 1 मामला दर्ज है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

स्थानीय स्कूटी और लॉजिस्टिक सपोर्ट

तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए बीकानेर के ही एक स्थानीय व्यक्ति की स्कूटी का इस्तेमाल किया था। पुलिस अब उन स्थानीय चेहरों को बेनकाब करने में जुटी है, जिन्होंने बॉर्डर से हेरोइन की खेप उठाने और उसे ठिकाने लगाने में तस्करों की मदद की। बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने प्रेस वार्ता में बताया कि जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।

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