– रूह कंपा देने वाली साजिश: मोमासर गांव में सलीम लखारा ने पेट्रोल डालकर लगाई आग; चीख-पुकार सुनकर बेटे ने बचाई मां और भाई-बहनों की जान।
– रात का सन्नाटा और दहशत: 1 अप्रैल की रात 9:30 बजे आरोपी ने मचाया तांडव; दरवाजे को आग के हवाले कर दी जिंदा जला देने की धमकी।
– आपराधिक इतिहास: पीड़िता का आरोप— "चोरी की नीयत और झगड़ालू प्रवृत्ति का है आरोपी; परिवार के अन्य सदस्यों की भी है मिलीभगत।"
बीकानेर, 05 अप्रैल (रविवार)।बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना अंतर्गत मोमासर गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पारिवारिक रंजिश ने जानलेवा रूप ले लिया। एक युवक ने अपनी ही चाची और उनके मासूम बच्चों को घर के अंदर बंद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया।
पेट्रोल की बोतल और मौत का तांडव
पीड़िता हाजरा पत्नी आमीन लखारा ने पुलिस को बताया कि 1 अप्रैल की रात वह अपने बच्चों के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 9:30 बजे उसके देवर का बेटा सलीम पुत्र मदन लखारा हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आया। उसने जोर-जोर से दरवाजा पीटना और गालियां देना शुरू कर दिया। आरोपी चिल्ला रहा था कि "अगर बाहर नहीं आए तो सबको जिंदा जला दूंगा।"
शोर सुनकर बेटे ने बचाई जान
हैरतअंगेज रूप से आरोपी सलीम ने जान से मारने की मंशा से कमरे के मुख्य दरवाजे पर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर आग लगा दी। देखते ही देखते लकड़ी का दरवाजा धधक उठा और धुआं अंदर भरने लगा। अंदर फंसी हाजरा और उसके बच्चों ने जान बचाने के लिए शोर मचाया। चीखें सुनकर पीड़िता का बेटा फारूक तुरंत वहां पहुँचा और साहस दिखाते हुए आग बुझाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
चोरी और साजिश के आरोप
पीड़िता ने श्रीडूंगरगढ़ पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि सलीम बदमाश प्रवृत्ति का है और पहले भी घर में चोरी की कोशिश कर चुका है। हाजरा का आरोप है कि इस हमले में सलीम की माँ मंजूबानो और भाई शरीफ लखारा भी शामिल हैं, जो आए दिन विवाद और फसाद करते रहते हैं।
पुलिसिया कार्रवाई
श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी एएसआई रामस्वरूप को सौंपी गई है। पुलिस अब घटनास्थल का मुआयना कर रही है और आरोपी सलीम की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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