— बड़ी कामयाबी: भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से 14 किलो हेरोइन तस्करी मामले में फरार चल रहे चाङवास निवासी मुख्य सहयोगी को शिवपुरा (पाली) पुलिस ने दबोचा।
— इंटरनेशनल नेटवर्क से कनेक्शन: आरोपी अभिषेक उर्फ अभिनव ने मुख्य सरगना राकेश प्रजापत के साथ मिलकर हेरोइन की दो बड़ी इंटरनेशनल खेप लाने की बात कबूल की।
— स्कूटी हादसे से खुला था राज: पूंगल थाना क्षेत्र में 21 अप्रैल को हुए एक स्कूटी एक्सीडेंट के बाद डिक्की से बरामद हुई थी ₹70 करोड़ की हेरोइन।
बीकानेर/पाली, 25 मई (सोमवार)। बीकानेर जिले के सबसे बड़े और बहुचर्चित 70 करोड़ रुपये के हेरोइन तस्करी मामले में वांछित चल रहे ₹25,000 के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीकानेर पुलिस द्वारा घोषित इनामी बदमाश अभिषेक उर्फ अभिनव (निवासी— चाङवास) को पाली जिले की शिवपुरा थाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को अग्रिम तफ्तीश के लिए बीकानेर की खाजूवाला थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
शिवपुरा पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा
शिवपुरा (पाली) थानाधिकारी भंवर लाल बिश्नोई ने बताया कि खाजूवाला थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज इस महा-तस्करी के मुकदमे में आरोपी अभिषेक लंबे समय से फरार चल रहा था। बीकानेर पुलिस लगातार इसकी तलाश में जुटी थी। शिवपुरा पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी उनके इलाके में फरारी काटने के लिए छुपा हुआ है।
थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और लगातार रेकी करने के बाद आरोपी अभिषेक को दबोच लिया। इस पूरे ऑपरेशन और आरोपी को डिटेन करने में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) किशनलाल और सिपाही अजयसिंह की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।
पड़ोसी गांव का होने के कारण सरगना का बना 'राइट हैंड'
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अभिषेक ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के मुख्य सरगना राकेश प्रजापत का सबसे खास और भरोसेमंद गुर्गा है। मुख्य सरगना के गांव चोपड़ा से अभिषेक का गांव चाङवास महज 8.5 किलोमीटर दूर है।
पड़ोसी गांव और पुरानी जान-पहचान होने के कारण राकेश प्रजापत उस पर आंख मूंदकर भरोसा करता था। अभिषेक करीब 6 महीने पहले ही इस काले धंधे के नेटवर्क में शामिल हुआ था। उसने कबूला कि वह अब तक भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर से हेरोइन की दो बड़ी और मुख्य खेप ठिकाने लगाने में सीधे तौर पर शामिल रहा था।
क्या था 70 करोड़ की हेरोइन का पूरा मामला?
गौरतलब है कि गत 21 अप्रैल 2026 को बीकानेर के पूंगल थाना क्षेत्र में एक स्कूटी सवार युवक सड़क हादसे का शिकार हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी की तलाशी ली, तो उसकी डिक्की से करीब 14 किलो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹70 करोड़ आंकी गई।
घायल स्कूटी सवार की पहचान खेताराम (निवासी— रेपड़ावास, सोजत) के रूप में हुई थी। अस्पताल में होश आने पर खेताराम ने कबूला था कि यह करोड़ों की खेप चोपड़ा निवासी अंतरराष्ट्रीय तस्कर राकेश प्रजापत की है। इसी इनपुट के आधार पर बीकानेर पुलिस ने पूर्व में जयपुर से राहुल और प्रशांत कयाल को भी गिरफ्तार किया था। अब खाजूवाला पुलिस आरोपी अभिषेक को रिमांड पर लेकर भारत-पाक सीमा पर एक्टिव इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क और सप्लायरों के नाम उगलवाएगी, जिससे कई और सफेदपोशों की गिरफ्तारी संभव है।

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