— एफआर लगाने का सौदा: जमीनी विवाद के पुराने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाने और परेशान न करने की एवज में एसआई ने मांगी थी रिश्वत।
— जाल में फंसा दारोगा: ₹50 हजार से शुरू हुई डील ₹20 हजार में तय हुई; परिवादी की शिकायत पर बीकानेर एसीबी की टीम ने घड़साना थाने में ही बिछाया जाल।
— तंग करने का आरोप: परिवादी के पास कोर्ट का स्टे होने के बावजूद आरोपी एसआई लगातार बना रहा था दबाव।
बीकानेर, 25 मई (सोमवार)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बीकानेर इकाई ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अनूपगढ़ जिले के घड़साना पुलिस थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामेश्वर लाल को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार (ट्रैप) कर लिया है। आरोपी एसआई ने एक जमीनी विवाद के मुकदमे में परिवादी के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाने की एवज में इस रिश्वत की मांग की थी।
एफआर लगाने के लिए मांगे थे ₹50 हजार, ₹20 हजार में तय हुआ सौदा
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे बीकानेर एसीबी के एडिशनल एसपी विनोद कुमार ने बताया कि एक पीड़ित परिवादी ने बीकानेर मुख्यालय आकर लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। परिवादी का आरोप था कि घड़साना पुलिस थाने में वर्ष 2025 का जमीनी विवाद से जुड़ा एक मुकदमा दर्ज है, जिसकी जांच एसआई रामेश्वर लाल के पास है।
इस मामले में कोर्ट का स्टे (स्थगन आदेश) होने के बावजूद एसआई रामेश्वर लाल परिवादी को बार-बार थाने बुलाकर तंग और परेशान कर रहा था। एसआई ने केस को रफा-दफा करने और फाइल में एफआर लगाने के बदले परिवादी से ₹50,000 की मोटी घूस मांगी थी। परिवादी द्वारा असमर्थता जताने पर दोनों के बीच ₹20,000 में सौदा तय हुआ।
सत्यापन होते ही एसीबी ने घड़साना थाने में मारा छापा
एडिशनल एसपी विनोद कुमार के अनुसार, परिवादी की शिकायत मिलने के बाद गोपनीयता बरतते हुए बकायदा मांग का डिजिटल और जमीनी सत्यापन (Verification) करवाया गया। सत्यापन के दौरान एसआई द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई गई।
सोमवार को योजना के मुताबिक, जैसे ही परिवादी ने घड़साना थाने में एसआई रामेश्वर लाल को केमिकल लगे हुए ₹20,000 के नोट थमाए, वैसे ही पहले से तैयार बैठी बीकानेर एसीबी की टीम ने दबिश देकर एसआई को दबोच लिया। टीम ने जब एसआई के हाथ धुलवाए तो वे गुलाबी हो गए, जिससे घूस लेने की रंगे हाथों पुष्टि हो गई।
दस्तावेजों और आवास की तलाशी जारी
कार्रवाई के बाद घड़साना थाने में हड़कंप मच गया और अन्य पुलिसकर्मियों में भी खलबली मच गई। एसीबी की टीम ने आरोपी एसआई के कब्जे से रिश्वत की राशि और संबंधित केस की मूल डायरी व फाइलें जब्त कर ली हैं। एसीबी अधिकारी मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं। इसके साथ ही आरोपी एसआई के आवास और अन्य ठिकानों की भी तलाशी की जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति के इनपुट खंगाले जा सकें।

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