— किराए के खातों का खेल: भोले-भाले ग्रामीण और किसानों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते; फिर देश भर में होने वाली साइबर ठगी की रकम को उन्हीं खातों में करवाते थे ट्रांसफर।
— बड़ा सिंडिकेट बेनकाब: मुख्य सरगना सुनील बिश्नोई 5 दिन के पुलिस रिमांड पर; पूछताछ में उगले राज तो पुलिस ने दबिश देकर 20 वर्षीय साथी सोनूराम को दबोचा।
— भारी मात्रा में 'टूलकिट' जब्त: गिरोह के कब्जे से 19 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, 11 बैंक पासबुक, 7 सिम कार्ड और ठगी के करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब का रिकॉर्ड बरामद।
बीकानेर, 27 मई (बुधवार)। डिजिटल अवेयरनेस और साइबर अपराधियों के खिलाफ बीकानेर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और संगठित स्ट्राइक शुरू कर दी है। रेंज आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा के निर्देशन में पूरे संभाग में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'म्यूल हंटर' (Mule Hunter) के तहत खाजूवाला थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने साइबर ठगी के इस इंटरनेशनल सिंडिकेट और 'म्यूल अकाउंट' (किराए के बैंक खाते) गैंग के दूसरे मुख्य सदस्य सोनूराम मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
इस गिरोह के मुख्य सरगना सुनील बिश्नोई को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिससे हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद इस दूसरे शातिर मुल्जिम की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
चक 14 बीडी के मुकेश कुमार की सजगता से खुला राज
खाजूवाला थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत ने बताया कि गत 24 मई 2026 को पीड़ित परिवादी मुकेश कुमार पुत्र राजेंद्र (निवासी— चक 14 बीडी, खाजूवाला) ने थाने में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मुकेश ने आरोप लगाया था कि आरोपी सुनील कुमार (32) पुत्र कृष्णलाल बिश्नोई (निवासी— चक 08 केएलडी कुण्डल, खाजूवाला) और उसकी पूरी गैंग क्षेत्र के सीधे-साधे और अनपढ़ ग्रामीणों को झांसा देकर व पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लेती है।
परिवादी मुकेश से भी इस गैंग ने धोखाधड़ी कर और कमीशन का लालच देकर 3 बैंक खाते किराए पर लिए थे, जिनमें देश के किसी हिस्से से करीब ₹2 लाख की साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। जब मुकेश के पास होल्ड और जांच के नोटिस आए, तब उसे ठगी के इस मकड़जाल का पता चला।
आईजी-एसपी के 'म्यूल हंटर' अभियान में खाजूवाला पुलिस की त्वरित स्ट्राइक
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी ग्रामीण बनवारी लाल मीणा और खाजूवाला वृत्ताधिकारी (CO) अमरजीत चावला के निकट सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
- मुख्य आरोपी का 5 दिन का रिमांड: पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 मई 2026 को मुख्य आरोपी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया।
- करोड़ों का अवैध लेनदेन कबूला: रिमांड के दौरान जब साइबर सेल और खाजूवाला पुलिस ने सुनील से सघन पूछताछ की, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने कबूला कि वह पिछले 3 साल से खाजूवाला, बीकानेर और बाहरी राज्यों के सैकड़ों लोगों के एटीएम, पासबुक और चेकबुक जुटाकर उनमें करोड़ों रुपयों का अवैध लेनदेन (साइबर फ्रॉड) कर चुका है।
छापेमारी में दूसरा आरोपी सोनूराम चित, बरामद हुआ 'साइबर खजाना'
मुख्य आरोपी सुनील कुमार बिश्नोई की निशानदेही और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर खाजूवाला पुलिस की टीम ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस ने गैंग के दूसरे सक्रिय सदस्य सोनूराम (20) पुत्र ख्यालीराम मेघवाल (निवासी— वार्ड नंबर 05, चक 4 केवाईडी, खाजूवाला) को घेराबंदी कर दबोच लिया।
गैंग के पास से अब तक बरामद की जा चुकी सामग्री:
- 19 अलग-अलग बैंकों के चालू एटीएम (ATM) कार्ड
- 15 बैंक चेकबुक (विभिन्न नाम से जारी)
- 11 ओरिजिनल बैंक पासबुक
- 07 फर्जी और अलग-अलग कंपनियों के एक्टिव सिम कार्ड (ठगी के लिए इस्तेमाल)
- 02 जाली स्टाम्प मोहरें (फर्जी दस्तावेज तैयार करने हेतु)
- साइबर ठगी की करोड़ों की राशि के लेन-देन के लिखित रिकॉर्ड व डायरियां।
खाजूवाला पुलिस की जांबाज टीम
साइबर माफियाओं के इस बड़े नेटवर्क को जमींदोज करने और इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में खाजूवाला थाने के इन पुलिसवीरों की मुख्य भूमिका रही:
- सुरेंद्र प्रजापत (पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी, खाजूवाला)
- धारा सिंह (हेड कांस्टेबल, बेल्ट नंबर 270)
- रामस्वरुप (कांस्टेबल, बेल्ट नंबर 802)
- गोपीराम (कांस्टेबल, बेल्ट नंबर 429)
एसपी मृदुल कच्छावा की चेतावनी और अपील: बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे मामूली चंद रुपयों या कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम, आधार कार्ड या चेकबुक किसी भी अज्ञात व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसा करने पर ठगी की पूरी राशि के लिए खाताधारक को भी अपराधी माना जाएगा। यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो वे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर '1930' या बीकानेर पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 8764852595 पर सूचित करें। फिलहाल इस गैंग से जुड़े अन्य स्थानीय और बाहरी गुर्गों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

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