— रेगिस्तान में आग: सूरज की तीखी किरणों और झुलसाने वाली 'लू' के थपेड़ों से बेहाल हुआ जनजीवन; दोपहर में सड़कें सूनी और बाजारों में पसरा सन्नाटा।
— बाजारों की रौनक गायब: केईएम रोड (महात्मा गांधी मार्ग), स्टेशन रोड, शार्दुल सिंह सर्किल और मुख्य डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस) जैसे व्यस्ततम इलाकों में दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार।
— आफत के बाद बड़ी राहत: 29 मई से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance); अरब सागर की नम हवाओं से धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी का दौर होगा शुरू, 30 मई से पारा गिरकर 40 डिग्री के पास आने की उम्मीद।
बीकानेर, 27 मई (बुधवार)।
सूर्यनगरी बीकानेर इन दिनों सूर्यदेव के तीखे तेवरों और 'नौतपा' की सबसे भीषण मार झेल रहा है। बुधवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसने आमजन को पसीने-पसीने कर दिया। सुबह सूरज उगने के साथ ही शुरू हो रहा गर्म हवाओं का दौर दोपहर होते-होते आग के थपेड़ों (भयंकर लू) में तब्दील हो रहा है। इसके चलते शहर की धड़कन कहे जाने वाले मुख्य बाजारों की रौनक पूरी तरह गायब हो चुकी है और सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग और डॉक्टरों ने इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए बीकानेर वासियों को अत्यधिक सतर्क रहने की हिदायत दी है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक सूनी सड़कें, शीतल पेय ही एकमात्र सहारा
बुधवार को शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक और व्यस्ततम इलाकों— केईएम रोड (महात्मा गांधी मार्ग), स्टेशन रोड, शार्दुल सिंह सर्किल और हेड पोस्ट ऑफिस के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में न के बराबर भीड़ देखी गई।
- बाजारों में सन्नाटा: दिनभर ग्राहकों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाले बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापारी प्रतिष्ठानों के भीतर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
- खाली दिखे हाईवे और सड़कें: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक शहर के मुख्य चौराहों और अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप सा नजर आया।
- बचाव के जतन: जो लोग बेहद जरूरी काम से बाहर निकल भी रहे हैं, वे अपने सिर और चेहरे को मोटे सूती कपड़े या गमछे से पूरी तरह ढंककर निकल रहे हैं। राहगीर छाते, धूप के चश्मे और पानी की बोतलों के सहारे सफर तय कर रहे हैं। गर्मी से तुरंत राहत पाने के लिए लोग गन्ने का रस, लस्सी, छाछ और शिकंजी जैसे शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर शरण लेते दिखे।
डॉक्टरों की गंभीर एडवायजरी: हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
लगातार 47 डिग्री के आसपास बने हुए इस टॉर्चर तापमान को देखते हुए पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों ने आमजन के लिए स्वास्थ्य एडवायजरी जारी की है। डॉक्टरों के अनुसार:
- इस वक्त हवा में नमी बेहद कम है, जिससे हीट स्ट्रोक (लू लगना) और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का खतरा सबसे ज्यादा है।
- दोपहर के समय बहुत जरूरी न हो, तो घरों या दफ्तरों से बाहर निकलने से सख्त परहेज करें।
- प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी या सादा पानी पीते रहें।
- हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें तथा अनावश्यक लंबी यात्राओं से बचें।
नौतपा का आखिरी दौर होगा ठंडा: 29 मई से बदलेगा मौसम का मिजाज
इस भीषण आफत और चिलचिलाती धूप के बीच बीकानेर वासियों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी राहत की खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई से शुरू हुए नौतपा के प्रचंड प्रभाव के बाद अब आसमान में बादलों की एंट्री होने वाली है।
عरब सागर से आ रही नम हवाओं और उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से 29 मई (शुक्रवार) से बीकानेर संभाग का मौसम अचानक करवट लेगा। इसके प्रभाव से 30 मई से बीकानेर के तापमान में भारी और रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जाएगी। तापमान सीधे 6 से 7 डिग्री लुढ़ककर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब आ जाएगा।
मौसम विभाग की चेतावनी: 29 और 30 मई को बीकानेर और आस-पास के ग्रामीण अंचलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी अंधड़ (आंधी) चलने, आसमान में घने बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बूंदाबांदी (Pre-Monsoon Rain) होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, इस बड़ी राहत से पहले आने वाले 2 से 3 दिन लोगों को गर्मी से बुरी तरह छकाएंगे, इसलिए सुरक्षा और बचाव में बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें।

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