Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: डॉ. गुंजन सोनी बने टी.बी. एवं चेस्ट विभागाध्यक्ष, प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने जारी किए आदेश

India-1stNews



​– बड़ा प्रशासनिक बदलाव: वरिष्ठ आचार्य डॉ. गुंजन सोनी को सौंपी गई श्वसन रोग विभाग की कमान; डॉ. माणक चन्द गुजरानी का कार्यकाल हुआ पूर्ण।

अनुभव पर भरोसा: पूर्व में प्राचार्य पद का दायित्व संभाल चुके डॉ. सोनी अब संभालेंगे विभाग की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाएं।

नई जिम्मेदारी: IPD, OPD और ICU सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के साथ स्टाफ प्रबंधन और रेजिडेंट्स के प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस।

बीकानेर, 1 मई 2026। बीकानेर के सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (SP Medical College) में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए टी.बी. एवं चेस्ट (श्वसन रोग) विभाग की कमान वरिष्ठ आचार्य डॉ. गुंजन सोनी को सौंपी गई है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी किए।

वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति

आदेश के अनुसार, डॉ. माणक चन्द गुजरानी को 15 अक्टूबर 2024 से वरिष्ठ आचार्य उपलब्ध होने तक के लिए विभागाध्यक्ष का दायित्व दिया गया था। अब विभाग में वरिष्ठ आचार्य के रूप में डॉ. गुंजन सोनी की उपलब्धता को देखते हुए प्राचार्य ने यह जिम्मेदारी उन्हें स्थानांतरित की है। डॉ. सोनी 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से इस पद पर कार्य करेंगे।

विभागाध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल

डॉ. गुंजन सोनी का विभागाध्यक्ष के रूप में यह दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वे 17 मार्च 2021 से 14 अक्टूबर 2022 तक (1 वर्ष 6 माह 29 दिन) इस पद पर रहे थे, जिसके बाद उन्हें प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी मिलने के कारण पद छोड़ना पड़ा था। अब नए आदेशों के तहत वे 30 सितंबर 2026 तक अथवा आगामी नियमित आदेशों तक इस पद पर बने रहेंगे।

विभाग में हर्ष की लहर

डॉ. सोनी की नियुक्ति के बाद श्वसन रोग विभाग में उत्साह का माहौल है। विभागाध्यक्ष बनने के बाद विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, नर्सिंग ऑफिसर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विभाग की चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी।

इन कार्यों पर रहेगा मुख्य फोकस:

  • ​विभाग के प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन।
  • ​IPD, OPD, ICU और इमरजेंसी सेवाओं की कड़ी निगरानी।
  • ​स्टाफ प्रबंधन और शैक्षणिक गतिविधियों (Academic Activities) में सुधार।
  • ​गंभीर श्वसन रोगों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना।

Post a Comment

0 Comments