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"फन्ना बाबू" का निधन उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति: बीकानेर पहुँचे यूपी के कैबिनेट मंत्री नन्दी, दी भावभीनी श्रद्धांजलि

India-1stNews



​– सादुलगंज में नमन: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने बीकाजी के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल के आवास पर पहुँचकर अर्पित किए श्रद्धासुमन।

यादें: कुछ दिनों पहले ही बीकानेर यात्रा के दौरान साथ बिताए पलों को किया याद; बताया एक दूरदर्शी और सादगी पसंद व्यक्तित्व।

बड़ी क्षति: मंत्री नन्दी बोले—वैश्य-व्यापारी समाज के सिर से उठा वरिष्ठ अभिभावक का साया, भुजिया उद्योग को वैश्विक ब्रांड बनाने वाले विजनरी को खोया।

बीकानेर, 1 मई (शुक्रवार)। बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक और विख्यात उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल (फन्ना बाबू) के निधन पर देश भर के राजनेताओं और उद्योगपतियों में शोक की लहर है। इसी क्रम में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' विशेष रूप से बीकानेर पहुँचे। उन्होंने सादुलगंज स्थित फन्ना बाबू के आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सफलता के शिखर पर भी सादगी की मिसाल

मंत्री नन्दी ने फन्ना बाबू के साथ बिताए हालिया पलों को याद करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले ही बीकानेर यात्रा के दौरान उनसे गहन चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया, "फैक्ट्री भ्रमण के दौरान फन्ना बाबू खुद एक-एक बारीकी के बारे में बताते रहे। उनका अपने काम के प्रति यह जुड़ाव दिखाता है कि सफलता के शिखर पर पहुँचकर भी वे अपनी जड़ों से कितने मजबूती से जुड़े हुए थे।"

बीकानेरी भुजिया को दिलाई वैश्विक पहचान

श्रद्धांजलि सभा में मंत्री नन्दी ने कहा कि फन्ना बाबू बीकानेर के पारंपरिक भुजिया उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने वाले महानायक थे। मशीन द्वारा भुजिया उत्पादन की शुरुआत कर उन्होंने इस उद्योग को नया आयाम दिया। मंत्री ने कहा कि फन्ना बाबू का जाना न केवल राजस्थान या बीकानेर, बल्कि पूरे देश के उद्योग जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे पूरा नहीं किया जा सकता।

व्यापारी समाज ने खोया अपना अभिभावक

मंत्री नन्दी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि फन्ना बाबू की सादगी और व्यवहारकुशलता ने हर किसी का मन मोह लिया था। वे एक अनुभवी मार्गदर्शक और उत्कृष्ट समाजसेवी भी थे। वैश्य-व्यापारी समाज के लिए वे एक वटवृक्ष की तरह थे। "अपनी माटी से उनका लगाव हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सिखाया कि अपनी जड़ों से जुड़कर ही मौलिक उन्नति संभव है।"

​मंत्री नन्दी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि फन्ना बाबू अपने पीछे सेवा कार्यों की जो समृद्ध विरासत छोड़कर गए हैं, उसके माध्यम से वे सदैव हम सबके बीच जीवित रहेंगे।

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