— मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर से मौत: सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने के बाद लिवर व ब्रेन हुआ डैमेज; शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे थम गईं सांसें।
— पीड़ित पति का विधिक न्याय के लिए फूटा गुस्सा: "डॉक्टरों ने कहा— 'न रैफर लिखेंगे, न फाइल देंगे'; प्रभावशालियों के फोन के बाद आईसीयू में किया था भर्ती, लापरवाही की हो उच्च स्तरीय जांच।"
— 6 प्रसूताओं की किडनी हुई थी फेल: बाजार से मंगवाए ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन के रिएक्शन का अंदेशा; राज्य सरकार द्वारा गठित 2 जांच कमेटियों की रिपोर्ट पर टिका अंतिम फैसला।
बीकानेर, 19 जून (शुक्रवार)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम राजकीय अस्पताल (PBM Hospital) के गायनी वॉर्ड और पोस्ट कोविड आईसीयू से इस वक्त की बेहद दुखद, सनसनीखेज और प्रशासनिक हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद संदिग्ध ड्रग रिएक्शन (दवा के प्रभाव) से एक-एक कर 6 प्रसूताओं की किडनी फेल होने के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को एक गंभीर प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल के वेंटिलेटर सपोर्ट पर पिछले करीब एक महीने से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही सूरतगढ़ निवासी 20 वर्षीय प्रीति नायक पत्नी कमल नायक की शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। इस मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और चिकित्सा विंग की कार्यप्रणाली पर गंभीर विधिक सवाल उठने लगे हैं।
मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर बना मौत का मुख्य कारण— अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने प्रसूता की मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए विधिक बुलेटिन जारी किया है। डॉ. घीया के अनुसार:
- अंगों ने काम करना बंद किया: प्रथम दृष्टया 'मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर' (Multiple Organ Failure) को महिला की मौत का मुख्य क्लिनिकल कारण माना जा रहा है।
- ब्रेन डैमेज की स्थिति: सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रीति की किडनी पूरी तरह फेल हो गई थी, जिसके बाद उसका लिवर भी गंभीर रूप से डैमेज हो गया। पिछले 20 दिनों से वह आईसीयू में पूर्ण वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी, क्योंकि उसके दिमाग (ब्रेन) तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का प्रवाह नहीं हो पा रहा था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसके अंगों को पुनर्जीवित नहीं किया जा सका और दोपहर को उसकी हृदय गति रुक गई।
पीड़ित पति का संगीन आरोप: "डॉक्टरों ने कहा— न रैफर लिखेंगे, न फाइल देंगे; खुद बचाओ जान"
प्रसूता प्रीति की मौत के बाद उसके पति कमल नायक ने पीबीएम अस्पताल के डॉक्टरों और स्त्री रोग विभाग की पूरी टीम पर घोर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार करने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। कमल नायक ने अपनी लिखित शिकायत और बयान में कहा:
"मेरी पत्नी का केस डॉ. मोनिका सोनी के अंडर में था। उन्होंने कहा था कि सिजेरियन करना पड़ेगा और दोनों में से किसी एक की ही जान बच पाएगी। ऑपरेशन के बाद बच्चा सेफ था और उसे नर्सरी भेज दिया गया, लेकिन लेबर रूम में प्रीति की ब्लीडिंग (रक्तस्राव) नहीं रुक रही थी। तब डॉक्टरों ने कोई अज्ञात इंजेक्शन या हैवी टेबलेट दी, जिसके तुरंत बाद ब्लीडिंग तो रुक गई, लेकिन उसका पेशाब (यूरिन आउटपुट) आना हमेशा के लिए बंद हो गया।"
कमल ने आगे आरोप लगाया कि हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इसे तुरंत जयपुर या जोधपुर ले जाओ। जब हमने रैफरल लेटर और केस फाइल मांगी, तो डॉक्टरों ने साफ मना कर दिया कि 'न तो रैफर लिखकर देंगे और न ही मरीज की फाइल हाथ में देंगे।' इसके बाद जब परिजनों ने बीकानेर के प्रभावशाली लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों को फोन करवाया, तब जाकर दबाव में आकर प्रीति को मेडिसिन आईसीयू में बेड अलॉट किया गया। परिजनों का आरोप है कि गले में श्वास नली (ट्यूब) डालने के बाद लापरवाही के चलते संक्रमण फैला और अंततः उसकी मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक और विधिक जांच की मांग की है।
6 प्रसूताओं की किडनी फेल होने का पूरा घटनाक्रम: वर्तमान स्थिति
पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का यह सिलसिला पिछले एक महीने से चल रहा है। अस्पताल की विधिक रिपोर्ट के अनुसार कुल 6 महिलाओं की किडनी फेल हुई थी, जिनकी स्थिति इस प्रकार है:
- तारा देवी (27) व राहिला (19): डॉक्टरों के गहन इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज (छुट्टी) हो चुकी हैं।
- शारदा (26): वर्तमान में भी बेहद क्रिटिकल स्थिति में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।
- इमरती (20): पोस्ट कोविड आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचाराधीन हैं।
- कमला: मेडिसिन आईसीयू (ICU) वॉर्ड में गंभीर अवस्था में भर्ती हैं।
- प्रीति (20): शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
बाजार से मंगवाए ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन पर सुई, 2 जांच कमेटियां गठित
अस्पताल प्रशासन और प्रारंभिक विधिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि सिजेरियन डिलीवरी के दौरान प्रसूताओं को अत्यधिक ब्लीडिंग रोकने के लिए बाजार (आउटसोर्स) से मंगवाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए गए थे। इसके तुरंत बाद ही सभी महिलाओं का यूरिन आउटपुट शून्य हो गया था।
इस ड्रग रिएक्शन और चिकित्सा लापरवाही के मामले में राज्य सरकार के निर्देश पर दो उच्च स्तरीय जांच कमेटियां काम कर रही हैं। पहली, जोधपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, जिसने 24 घंटे पीबीएम में रहकर अपनी विधिक जांच पूरी की है। दूसरी, ड्रग कंट्रोलर (औषधि नियंत्रक) की तकनीकी कमेटी, जो दवा के बैच नंबर और सॉल्ट की गुणवत्ता की विधिक पड़ताल कर रही है। हालांकि, पीबीएम अधीक्षक ने दावा किया है कि डॉक्टरों या नर्सिंग स्टाफ के स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों कमेटियों की फाइनल सीलबंद रिपोर्ट आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ निलंबन और कानूनी धाराओं के तहत अंतिम कड़ा फैसला लिया जाएगा।
कलेक्टर निशांत जैन खुद कर रहे संवाद, कानून व्यवस्था के लिए रात में पोस्टमार्टम की अनुमति
वारदात की संवेदनशीलता, परिजनों के आक्रोश और अस्पताल परिसर में कानून व्यवस्था (Law & Order) की स्थिति को देखते हुए बीकानेर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आ गया है:
- प्रशासन का संवेनदनशील रुख: जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निशांत जैन स्वयं पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कलेक्टर निशांत जैन मृतका के शोकाकुल परिजनों और पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों से लगातार सीधा संवाद (बातचीत) कर रहे हैं, ताकि गतिरोध को दूर कर निष्पक्ष विधिक कार्रवाई की जा सके।
- कलेक्टर ने जताया दुख: जिला कलेक्टर निशांत जैन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि "सरकार और प्रशासन की पीड़ित परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है।" पीड़ित पक्ष को विधिक नियमों के तहत हर संभव न्याय और सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
- एडीएम उम्मीद सिंह रत्नु ने जारी किए आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने किसी भी प्रकार के तनाव या साक्ष्यों की सुरक्षा के मद्देनजर मेडिकल बोर्ड से रात्रि में ही पोस्टमार्टम (Night Post Mortem) करवाने की विशेष अनुमति मांगी थी। इस पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) उम्मीद सिंह रत्नु ने तुरंत विधिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए देर रात को ही प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम करवाने की लिखित अनुमति जारी कर दी है।

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