Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: एसीबी ने पावर ग्रिड के डीजीएम देवेश 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार, ठेकेदार से मांगी थी घूस

India-1stNews



​— भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बीकानेर टीम ने बुधवार को की साल की सबसे बड़ी कार्रवाई।

90 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के उप महाप्रबंधक (DGM) देवेश को एसीबी ने रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों दबोचा।

ठेकेदार से मांगी थी रकम: निर्माण कार्यों और बिलों के भुगतान की एवज में ठेकेदार से घूस वसूल रहा था अधिकारी।

एएसपी आशीष कुमार की टीम को सफलता: महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन और सीआई इंद्र कुमार की मौजूदगी में जाल बिछाकर किया बड़ा पर्दाफाश।

बीकानेर, 15 जुलाई (बुधवार)। बीकानेर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की बीकानेर स्पेशल टीम ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन' (Power Grid) के उप महाप्रबंधक (DGM) को ₹90,000 की मोटी रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार (ट्रैप) कर लिया है। केंद्र सरकार के इतने बड़े रैंक के अधिकारी के घूसखोरी के मामले में रंगे हाथों पकड़े जाने से प्रशासनिक हलकों और रीको/औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।

महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में बिछाया गया जाल, डीजीएम देवेश दबोचे

​एसीबी मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता के सख्त और सीधे निर्देशन में प्लान की गई थी।

​बीकानेर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आशीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने शिकायत का सत्यापन करने के बाद बुधवार दोपहर को पावर ग्रिड के कार्यालय और संबंधित परिसर के पास अपना जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी डीजीएम देवेश ने परिवादी (ठेकेदार) से रिश्वत के रूप में ₹90,000 की नकदी हाथ में ली, वैसे ही पहले से तैयार बैठी एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट में आरोपी अधिकारी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे उसकी संलिप्तता रंगे हाथों साबित हो गई।

बिल पास करने और ठेकेदारी के काम की एवज में मांगी थी घूस

​सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित ठेकेदार पावर ग्रिड के तहत विभिन्न निर्माण और तकनीकी कार्यों का संचालन कर रहा था। उसके कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के अप्रूवल और पुराने बिलों के भुगतान को जारी करने की एवज में डीजीएम देवेश लंबे समय से परेशान कर रहे थे और रिश्वत की मांग कर रहे थे। ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार के आगे न झुकते हुए बीकानेर एसीबी चौकी में इसकी गोपनीय शिकायत दर्ज कराई गई थी।

​कार्रवाई के दौरान एसीबी के तेजतर्रार पुलिस निरीक्षक (CI) इंद्र कुमार सहित पूरी कमांडो और तकनीकी टीम मौके पर मौजूद रही, जिसने तत्काल आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

कार्यालय और आवास पर सर्च शुरू, बड़े नेटवर्क का हो सकता है खुलासा

​एसीबी की टीम फिलहाल आरोपी डीजीएम देवेश को हिरासत में लेकर बीकानेर ब्यूरो कार्यालय में गहनता से पूछताछ कर रही है। कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है; एएसपी आशीष कुमार ने बताया कि आरोपी के आधिकारिक कार्यालय कक्ष को सील कर दिया गया है और वहां रखे तमाम संबंधित फाइलों व तकनीकी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

​इसके साथ ही, जयपुर/बीकानेर स्थित आरोपी के आवासीय ठिकानों पर भी एसीबी की अन्य टीमों द्वारा 'सर्च ऑपरेशन' (तलाशी) शुरू कर दी गई है, ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति (DA) और बैंक खातों का ब्योरा जुटाया जा सके। एसीबी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस रिश्वतखोरी के खेल में पावर ग्रिड के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या दलाल तो शामिल नहीं थे। मामले में देर रात तक कई और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

Post a Comment

0 Comments