— एफएसएसएआई (FSSAI) के रडार पर कंपनियां: दिल्ली में नोटिस जारी होने के बाद बीकानेर स्वास्थ्य विभाग ने जमीनी स्तर पर शुरू की बड़ी कार्रवाई।
— खारा रोड पर खाद्य सुरक्षा टीम की दबिश: वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के गोदाम से 'स्टिंग' और 'एड्रीनलीन रश' के 3 नमूने लिए; हजारों बोतलें मौके पर ही सीज।
— भ्रामक दावों पर कड़ा एक्शन: सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध बोले— लेबल पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'बॉडी एनर्जाइज' और 'माइंड स्टीमुलेट' लिखना नियमों के विरुद्ध।
— स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह: अत्यधिक कैफीन युक्त ये पेय गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हो सकते हैं घातक।
बीकानेर, 6 जुलाई (सोमवार)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा देश के 6 बड़े एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स को नोटिस जारी करने के महज कुछ ही घंटों के भीतर बीकानेर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ग्राउंड जीरो पर एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के कड़े निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने बीकानेर के औद्योगिक क्षेत्र खारा रोड पर स्थित वरुण बेवरेजेस लिमिटेड (पेप्सिको की फ्रेंचाइजी/वितरक) के मुख्य गोदाम पर औचक छापेमारी की। टीम ने मौके से नियमों के उल्लंघन और भ्रामक प्रचार के आरोप में नामी ब्रांड्स के 28,278 कैन और बोतलें सीज (जब्त) कर ली हैं।
सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध की अगुवाई में हुई छापेमारी
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार और FSSAI के कड़े रुख के बाद स्थानीय स्तर पर मिलावटखोरों और भ्रामक ब्रांडिंग करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।
शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने खारा रोड स्थित वरुण बेवरेजेस के गोदाम पर औचक निरीक्षण किया। टीम ने वहां भारी मात्रा में स्टॉक किए गए कैफीनेटेड बेवरेज 'स्टिंग एनर्जी' (Sting Energy) तथा 'एड्रीनलीन रश एनर्जी ड्रिंक' (Adrenaline Rush) के बैच नंबरों की जांच की। नियमों के विपरीत पाए जाने पर टीम ने तत्काल दोनों ब्रांड्स के कुल 3 अलग-अलग सैंपल (नमूने) लिए और गोदाम में मौजूद 28,278 कैन/बोतलों के स्टॉक को विधिक रूप से सीज कर दिया।
'एनर्जी ड्रिंक' और 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' लिखना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में
सीएमएचओ डॉ. साध ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन कैफीनेटेड ड्रिंक्स के लेबल, पैकेट या विज्ञापनों पर निम्नलिखित दावों को लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित और भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है:
- "स्टीमूलेट्स माइंड" (Stimulates Mind - दिमाग को सक्रिय करना)
- "एनर्जाइज बॉडीज" (Energize Bodies - शरीर को ऊर्जा देना)
- "एनर्जी ड्रिंक" या "स्पोर्ट्स ड्रिंक" (चूंकि FSSAI के नियमों में ऐसी कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी नहीं है)
कंपनियां इन भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल कर आम उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही हैं, जो खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत के लिए बड़ा खतरा
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, इन तथाकथित एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन (Caffeine) की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी अधिक होती है। यह अत्यधिक कैफीन युक्त पेय गर्भवती महिलाओं, लेक्टेटिंग मदर (स्तनपान कराने वाली माताओं) तथा छोटे बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत नुकसानदायक साबित हो सकता है।
गोदाम से लिए गए तीनों नमूनों को सुरक्षित सील कर जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भिजवाया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद वरुण बेवरेजेस और संबंधित मूल कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अदालती और दंडात्मक अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम:
यह प्रभावी और त्वरित कार्रवाई बीकानेर के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा की संयुक्त टीम द्वारा मुस्तैदी से पूरी की गई।

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