— ममता की बलिवेदी पर मां ने दी जान: 10 वर्षीय मनोज को डूबता देख पहले 15 वर्षीय नरेंद्र कूदा, फिर दोनों को बचाने के लिए मां प्रेमा देवी ने लगा दी छलांग।
— एक ही झटके में उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार: किरतासर गांव के एक खेत में सोमवार को हुआ रूह कंपा देने वाला हादसा; पूरे क्षेत्र में पसरा मातम।
— पीबीएम में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित: अचेत अवस्था में ग्रामीणों ने बाहर निकालकर पहुंचाया अस्पताल; डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को बताया मृत।
— नोखा पुलिस मौके पर: थानाधिकारी (CI) अरविंद भारद्वाज मय जाब्ते पहुंचे अस्पताल और घटनास्थल; मर्ग दर्ज कर शुरू की विधिक जांच।
बीकानेर/नोखा, 6 जुलाई (सोमवार)। बीकानेर जिले के नोखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किरतासर गांव से एक बेहद हृदय विदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सोमवार को एक खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से मां-बेटे सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। एक मासूम बच्चे की जान बचाने के फेर में तीन जिंदगियां असमय ही काल के ग्रास में समा गईं। इस भयानक हादसे के बाद से पूरे किरतासर गांव में हाहाकार मचा हुआ है और शोक में डूबे ग्रामीणों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला है।
डिग्गी से पानी निकालते समय पैर फिसलने से शुरू हुआ मौत का तांडव
नोखा थाना पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर किरतासर गांव के एक कृषि कुएं (खेत) पर घटित हुआ। खेत में बनी पानी की डिग्गी के पास 10 वर्षीय मासूम मनोज (पुत्र सेतानाराम नायक) पानी निकालने के लिए गया था।
इसी दौरान अचानक डिग्गी के किनारे पर उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर सीधे गहरे पानी में जा गिरा। मनोज को पानी में डूबता और जान बचाने के लिए चिल्लाता देख पास ही काम कर रहा 15 वर्षीय नरेंद्र (पुत्र अर्जुनराम नायक) बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए डिग्गी के गहरे पानी में कूद गया। लेकिन डिग्गी में पानी का स्तर बहुत अधिक और गहरा होने के कारण नरेंद्र भी खुद को संभाल नहीं सका और वह भी डूबने लगा।
ममता के वश में होकर मां ने भी लगा दी छलांग
दोनों बच्चों को पानी में जिंदगी और मौत के बीच छटपटाते देख नरेंद्र की मां प्रेमा देवी (30 वर्ष, पत्नी अर्जुनराम नायक) चीखते हुए डिग्गी की तरफ दौड़ीं। अपनी आंखों के सामने बेटे और पड़ोस के बच्चे को डूबता देख ममता के वश में होकर उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए डिग्गी में छलांग लगा दी।
दुर्भाग्यवश, डिग्गी की दीवारें चिकनी होने, गहराई अधिक होने और पानी के भारी दबाव के कारण प्रेमा देवी भी दोनों बच्चों को बाहर निकालने में पूरी तरह असफल रहीं। देखते ही देखते कुछ ही पलों में तीनों गहरे पानी के आगोश में समा गए और दम तोड़ दिया।
हादसे में अकाल मृत्यु के शिकार हुए:
- प्रेमा देवी (उम्र 30 वर्ष) पत्नी अर्जुनराम नायक (निवासी— किरतासर, नोखा)
- नरेंद्र (उम्र 15 वर्ष) पुत्र अर्जुनराम नायक (निवासी— किरतासर, नोखा — प्रेमा देवी का पुत्र)
- मनोज (उम्र 10 वर्ष) पुत्र सेतानाराम नायक (निवासी— किरतासर, नोखा)
पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए शव, जांच में जुटे सीआई अरविंद भारद्वाज
खेत से आ रही चीख-पुकार और शोर सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे परिजन और ग्रामीण लाठियां व रस्सियां लेकर तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत और कड़े प्रयासों के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों पूरी तरह अचेत हो चुके थे। परिजन उन्हें तुरंत निजी वाहनों से संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल (बीकानेर) के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की भयावहता की सूचना मिलते ही नोखा थानाधिकारी (CI) अरविंद भारद्वाज पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। सीआई अरविंद भारद्वाज ने बताया कि तीनों मृतकों के शवों को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम की विधिक कार्रवाई के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

0 Comments