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बीकानेर: जेएनवीसी पुलिस ने लूट के शातिर ऑटो चालक को मात्र 6 घंटे में दबोचा

India-1stNews



​— झांसा देकर लूटने वाला 'ऑटोवाला' अरेस्ट: ग्रामीण इलाकों से आने वाले सीधे-साधे यात्रियों को कम किराये का लालच देकर ऑटो में बैठाता था शातिर अनिल लावा.

सूनसान जगह ले जाकर की वारदात: प्रार्थी मेघराज को रामपुरा छोड़ने के बहाने बैठाया; गलियों में घुमाकर मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में की मारपीट, कान तोड़कर निकालीं मुर्कियां.

6 घंटे में खुला राज: पीड़ित की रिपोर्ट पर सीआई विक्रम तिवाड़ी के सुपरविजन में एएसआई विनोद कुमार की टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी को दबोचा.

10 मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर: गिरफ्तार आरोपी अनिल लावा का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड; शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं कुल 10 गंभीर मामले.

बीकानेर, 12 जुलाई (रविवार)। बीकानेर की नवनियुक्त पुलिस टीम और जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNV Colony) थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शहर में यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा संदेश दिया है. जेएनवीसी थाना पुलिस ने ऑटो में बैठाकर सवारियों के साथ मारपीट करने और लूटपाट करने वाले एक बेहद शातिर एवं आदतन अपराधी को वारदात की रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र 6 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. गिरफ्तार आरोपी ने एक ग्रामीण यात्री को कम किराये का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और फिर लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था.

रामपुरा छोड़ने के बहाने बैठाया, मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में की मारपीट

​जेएनवीसी थानाधिकारी (CI) विक्रम तिवाड़ी ने कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित प्रार्थी मेघराज ने कल थाने उपस्थित होकर एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी. रिपोर्ट के अनुसार, गत 5 जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे मेघराज कहीं जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहा था. इसी दौरान एक ऑटो आकर रुका और उसके चालक ने मेघराज को बेहद कम किराये में रामपुरा छोड़ने का झांसा दिया, जिस पर प्रार्थी ऑटो में सवार हो गया.

​बातचीत के दौरान ऑटो चालक ने अपना नाम अनिल बताया. वह प्रार्थी को सीधे रास्ते ले जाने के बजाय बीकानेर शहर की भूलभुलैया गलियों में घुमाता रहा और अंत में उसे सुनसान पाकर मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में ले गया. वहाँ ऑटो चालक ने मेघराज के साथ बेरहमी से मारपीट की और क्रूरता की हदें पार करते हुए उसके कान तोड़कर सोने की मुर्कियां निकाल लीं. इसके साथ ही आरोपी ने मेघराज के हाथ का चांदी का कड़ा, अंगूठी (बिंटी) और उसका छोटा मोबाइल फोन भी छीन लिया और मौके से फरार हो गया.

मुकदमा दर्ज होते ही एएसआई विनोद कुमार की टीम ने की नाकेबंदी

​लूट की इस गंभीर वारदात पर जेएनवीसी पुलिस ने तुरंत भादंसं/भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और तफ्तीश एएसआई विनोद कुमार के सुपुर्द की गई. वारदात की गंभीरता और शहर में सक्रिय इस नए गैंग के तरीके को देखते हुए थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के निर्देशन में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया.

​एएसआई विनोद कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी अनुसंधान (Cyber Cell Help) और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर जाल बिछाया. पुलिस टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मात्र 6 घंटे के रिकॉर्ड समय में आरोपी अनिल लावा पुत्र लालचंद (जाति नायक, उम्र 29 साल, निवासी— गली नम्बर 05, अम्बेडकर कॉलोनी, पुलिस थाना जेएनवीसी, जिला बीकानेर) को सफलतापूर्वक दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया.

शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं 10 मुकदमे

​पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अनिल लावा कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि बेहद शातिर और आदतन अपराधी है. उसका पुराना लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और बीकानेर शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में उसके खिलाफ लूट, चोरी और मारपीट के कुल 10 आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं. पुलिस अब आरोपी अनिल से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि लूटा गया माल (सोने-चांदी के जेवरात और मोबाइल) बरामद किया जा सके. साथ ही पुलिस को अंदेशा है कि उसने इस ऑटो के जरिए कई अन्य ग्रामीण यात्रियों को भी अपना शिकार बनाया होगा, जिसका खुलासा पूछताछ में हो सकता है.

इस सजग टीम को मिली सफलता

​मात्र 6 घंटे के भीतर वारदात का पर्दाफाश करने वाली जेएनवीसी थाने की इस विशेष टीम में सीआई विक्रम तिवाड़ी, एएसआई विनोद कुमार (अनुसंधान अधिकारी), कांस्टेबल श्रीराम, कांस्टेबल नरेश, कांस्टेबल प्रभुराम, कांस्टेबल भागीरथ और महिला कांस्टेबल सुनीता शामिल रहीं, जिनकी त्वरित निर्णय क्षमता और तकनीकी सक्रियता की सराहना की जा रही है.


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