— ममता तार-तार: श्रीडूंगरगढ़ थाना इलाके के बाना गांव में सोते समय बुजुर्ग मां पर लाठी से किए ताबड़तोड़ वार; मौके पर ही तोड़ा दम।
— मानसिक बीमारी बनी वजह: पिछले 4-5 साल से बीकानेर में चल रहा था आरोपी का इलाज; आए दिन घर में करता था झगड़ा-फसाद।
— वारदात के बाद आरोपी ने पत्नी से कहा— 'मां तो मर गई': तड़के 4 बजे भाई ने जब मौके पर देखा, तो मां की लाश को चारपाई पर घसीट रहा था कलयुगी बेटा।
— सीओ और थानाधिकारी पहुंचे मौके पर: सीओ निकेत कुमार व थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव ने किया मौका-मुआयना; एफएसएल (FSL) टीम ने जुटाए साक्ष्य।
बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़, 12 जुलाई (रविवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाना गांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपनी ममतामयी 70 वर्षीय बुजुर्ग मां की नींद में सोते समय लाठी से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दिल दहला देने वाली खूनी वारदात के बाद पूरे बाना गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के उच्चाधिकारी मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और मामले की पुख्ता छानबीन शुरू की।
एक ही बाखल में रहते हैं दोनों भाई, छोटा भाई है मानसिक रोगी
श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हत्या की संगीन वारदात को लेकर मृतका के बड़े पुत्र (आरोपी के 42 वर्षीय भाई) ओमप्रकाश स्वामी ने पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट पेश की है।
परिवादी ओमप्रकाश ने बताया कि वह अपने परिवार सहित गांव बाना में रहता है। उसका छोटा भाई रामनिवास पुत्र कन्हैयालाल स्वामी भी अपने परिवार के साथ पास ही के मकान में रहता है। दोनों भाइयों के मकानों की बाखल (आंगन) एक ही है। उनके वृद्ध माता-पिता छोटे भाई रामनिवास के साथ ही रहते थे। ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई रामनिवास पिछले करीब 4-5 साल से गंभीर मानसिक रोग से पीड़ित है, जिसका बीकानेर से नियमित इलाज चल रहा है। मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण वह आए दिन घर में अकारण ही झगड़ा-फसाद और विवाद करता रहता था।
तड़के 4 बजे पत्नी के शोर मचाने पर खुला खौफनाक राज
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की रात को पूरा परिवार खाना खाकर घर की बाखल में सो गया था। कुछ ही दूरी पर आरोपी रामनिवास भी अपनी चारपाई लगाकर सो गया था। सुबह करीब चार बजे अचानक रामनिवास की पत्नी ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया।
चीख-पुकार सुनकर जब बड़ा भाई ओमप्रकाश दौड़कर मौके पर पहुंचा, तो वहाँ का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। कलयुगी बेटा रामनिवास अपनी 70 वर्षीय वृद्ध मां गीता देवी को चारपाई के ऊपर इधर-उधर बेरहमी से घसीट रहा था। मां के सिर पर लाठी की गहरी और जानलेवा चोट लगी थी, जिससे अत्यधिक खून बह रहा था और वह बेसुध (मृत) हालत में थीं। अपने बड़े भाई को सामने देखकर आरोपी रामनिवास तुरंत मौके से भाग निकला।
लाठी मारकर पत्नी को जगाया और बोला— 'मां तो मर गई'
आरोपी की पत्नी ने जेठ ओमप्रकाश को रोते हुए बताया कि वह रात को करीब दो बजे तक जाग रही थी। तब तक रामनिवास अजीब हरकतें करते हुए घर में इधर-उधर घूम रहा था। बाद में जब पत्नी को गहरी नींद आ गई, तो रामनिवास ने अंधेरे का फायदा उठाकर सो रही अपनी मां गीता देवी के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ जानलेवा हमले कर दिए। मां को मौत के घाट उतारने के बाद उसने अपनी पत्नी को जगाया और बेहद ठंडे दिमाग से कहा कि "मां तो मर गई।"
आरोपी डिटेन, एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्राधिकारी (CO) निकेत कुमार एवं थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव तुरंत पुलिस बल और फॉरेंसिक (FSL) टीम के साथ बाना गांव पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने मौके से रक्त के नमूने, लाठी और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य (Evidences) एकत्रित किए हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी कलयुगी बेटे रामनिवास स्वामी को राउंडअप कर डिटेन (हिरासत में) कर लिया है। पुलिस ने बड़े भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव को सौंपी है। परिजनों और पुलिस की मौजूदगी में मृतका गीता देवी के शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल लाया गया है, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।

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