— अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: पंजाब के भटिंडा और छतरगढ़ के शातिर चोरों को दंतौर पुलिस ने किया गिरफ्तार; 25 तोला सोना चोरी मामले का खुलासा.
— रैकी कर चोरी करने का अनूठा तरीका: काश्त पर जमीन लेकर सूने मकानों की करते थे रैकी; हाईवे किनारे बने घरों को बनाते थे निशाना.
— तकनीकी से रहते थे दूर: वारदात के समय मोबाइल फोन का नहीं करते थे इस्तेमाल; सीसीटीवी और टोल नाकों से बचकर भागने का रूट करते थे तय.
— कई थानों में थे वांछित: आरोपियों से पूछताछ में पूगल, छतरगढ़, कोलायत, सीकर, रणजीतपुरा, बाप (फलोदी) और हरियाणा में चोरी की वारदातों का हुआ बड़ा खुलासा.
बीकानेर/दंतौर, 14 जुलाई (मंगलवार)। बीकानेर जिला पुलिस की मुस्तैदी और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दंतौर थाना पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने दंतौर इलाके में एक घर से करीब 25 तोला सोना और भारी नकदी चोरी करने की सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय "अव्वल दर्जे" के तीन बेहद शातिर नकबजनों (चोरों) को धरदबोचा है। पकड़े गए आरोपियों से जब पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की गई, तो राजस्थान के 4-5 जिलों सहित पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब से जुड़ी चोरी की दर्जनों बड़ी वारदातों के राज खुल गए हैं।
घर में घुसकर पार किया था 25 तोला सोना, कोर्ट के आदेश पर लिया रिमांड
दंतौर थाना प्रभार (CI) महेश शीला ने इस बड़ी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गत 26 अगस्त को दंतौर निवासी प्रार्थी अर्जुनराम पुत्र श्री बिश्नोई ने हाजिर थाना होकर एक लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि उनका परिवार रात को खाना खाकर रोजाना की तरह सो गया था। अगली सुबह जब वे जागे तो देखा कि उनके घर की खिड़कियां कटी हुई थीं और भीतर रखे बक्सों व अलमारी के ताले टूटे पड़े थे। अज्ञात चोर बक्से में रखे करीब 25 तोला सोने के जेवरात और नकदी समेटकर रफूचक्कर हो चुके थे।
थाना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और एक विशेष टीम का गठन कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने कड़ियां जोड़ते हुए वारदात में लिप्त तीन शातिर आरोपियों को दबोच लिया, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- सोनू कुमार पुत्र सुरेश कुमार बावरी (निवासी— छतरगढ़, बीकानेर)
- लालसिंह उर्फ लाली पुत्र करतारसिंह बावरी
- रामकिशन पुत्र सरजीत बावरी (दोनों निवासी— भटिंडा, पंजाब)
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने कड़ी पूछताछ करते हुए आरोपी सोनू कुमार और रामकिशन के कब्जे से चोरी किया गया माल (जेवरात व नकदी) सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। इन दोनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश कर जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भिजवा दिया गया है, जबकि तीसरे मुख्य आरोपी लालसिंह उर्फ लाली से शेष चोरी के माल की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए कोर्ट से पुनः दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
यूं देते थे वारदातों को अंजाम: काश्त पर जमीन लेना और रैकी करना
सीआई महेश शीला ने बताया कि यह कोई साधारण चोर नहीं हैं, बल्कि यह एक बेहद संगठित और अव्वल दर्जे की पेशेवर नकबजन गैंग है, जो रात के समय सूने या हाईवे किनारे बने मकानों को निशाना बनाती है। इनका वारदात करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर और चौंकाने वाला है:
- काश्त पर जमीन लेना: यह गैंग जिस भी नए इलाके या जिले में चोरी करने की योजना बनाती है, वहां के गांवों में आरोपी कुछ समय के लिए खेती (काश्त) करने के बहाने जमीन किराए पर लेते हैं और वहां रहने लगते हैं ताकि स्थानीय लोगों को उन पर कोई शक न हो।
- हाईवे किनारे के घर: आरोपी दिन के समय सड़क या हाईवे किनारे बने ऐसे मकानों की रैकी करते हैं, जिनके आसपास सुनसान जगह हो या भागने का रास्ता खुला हो।
- नो-मोबाइल पॉलिसी: वारदात को अंजाम देते समय यह शातिर चोर आपस में या किसी से भी बातचीत करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करते हैं, ताकि पुलिस उन्हें साइबर सेल या टावर लोकेशन के जरिए ट्रेस न कर सके।
- सीसीटीवी और टोल से दूरी: चोरी करने के लिए ये अपनी निजी गाड़ी से गांवों में निकलते हैं और वारदात से कुछ दूरी पर वाहन खड़ा कर देते हैं। खिड़की की जाली काटकर अंदर घुसने और गहने-नकदी चुराने के बाद ये भागने के लिए केवल उसी रूट (रास्ते) का चयन करते हैं, जहां कोई सीसीटीवी कैमरा या नेशनल हाईवे का टोल नाका न आता हो। चोरी के बाद ये सारा माल आपस में बराबर बांट लेते हैं।
पूगल, सीकर, कोलायत और हरियाणा तक फैली थीं जड़ें
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि वे बीकानेर के पूगल थाना इलाका, छतरगढ़ थाना इलाका, कोलायत थाना इलाका सहित जिला सीकर और पड़ोसी राज्य हरियाणा के कई क्षेत्रों में चोरी की बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इसके अलावा, यह शातिर गैंग बीकानेर के ही रणजीतपुरा पुलिस थाने और फलोदी जिले के बाप थाना इलाके में दर्ज चोरी के मुकदमों में लंबे समय से मोस्ट वांटेड (वांछित) चल रही थी। पुलिस को उम्मीद है कि लालसिंह के दो दिन के रिमांड के दौरान कुछ अन्य बड़ी चोरियों का खुलासा और माल की बरामदगी हो सकती है।
इस जांबाज टीम को मिली सफलता
इतनी शातिर और मोबाइल का उपयोग न करने वाली तकनीक-रहित अंतरराज्यीय चोर गैंग को घुटनों पर लाने वाली दंतौर थाने की विशेष टीम में सीआई महेश शीला, एएसआई बाबूलाल, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल रामकिशोर, कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई और कांस्टेबल हनुमानराम शामिल रहे, जिनकी त्वरित सूझबूझ और पारंपरिक पुलिसिंग की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है।

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