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बीकानेर: पिकअप-ट्रोला भिड़ंत में 4 बहनों के इकलौते भाई की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदलीं

India-1stNews



​— उजड़ गया विधवा मां का सहारा: हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय ओमप्रकाश के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था; बहनों और मां की जिम्मेदारी उसी पर थी।

शादी के घर में पसरा सन्नाटा: घायल मुन्नीराम के परिवार में 6 जुलाई को होना था विवाह; नीट (NEET) की तैयारी कर सीकर से आया भाई अभिषेक भी हादसे में घायल।

देर रात हाईवे पर काल बनी रफ्तार: रात करीब 12 बजे आगे चल रहे ट्रोले में जा घुसी पिकअप; ओमप्रकाश के सिर में लगी थी गंभीर चोट।

श्रीडूंगरगढ़ पुलिस और सेवादार मौके पर: थानाधिकारी कश्यप सिंह व टीम ने संभाला मोर्चा; 'आपणो गांव सेवा समिति' व कलाम सोसायटी के सेवादारों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल।

बीकानेर, 6 जुलाई (सोमवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुसाईंसर बड़ा गांव के पास एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ देर रात एक पिकअप गाड़ी आगे चल रहे ट्रोले से टकरा गई। इस भीषण भिड़ंत में चार बहनों के इकलौते भाई और एक विधवा मां के एकमात्र सहारे 17 वर्षीय किशोर की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि पिकअप में सवार उसके दो अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद हादसे ने उस परिवार की खुशियां भी हमेशा के लिए छीन लीं, जहां आज (6 जुलाई) शादी की शहनाइयां गूंजनी थीं।

देर रात गांव लौटते समय ट्रोले में जा घुसी पिकअप

​श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गुसाईंसर बड़ा निवासी ओमप्रकाश (17 वर्ष) पुत्र हरदेवाराम जाट अपने साथी मुन्नीराम कस्वां के साथ किसी काम से श्रीडूंगरगढ़ आया था। यहाँ उन्हें मुन्नीराम का चचेरा भाई अभिषेक मिला, जो सीकर में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रहा है और गांव में होने वाली शादी में शामिल होने आया था।

​देर रात करीब 12:00 बजे तीनों युवक पिकअप गाड़ी में सवार होकर वापस अपने गांव गुसाईंसर बड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के नजदीक ही हाईवे पर उनकी तेज रफ्तार पिकअप आगे चल रहे एक ट्रोले से अनियंत्रित होकर पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और बीच की सीट पर बैठे ओमप्रकाश के सिर व छाती पर गंभीर चोटें आईं।

रास्ते में तोड़ा दम, सेवादारों ने रात में संभाला मोर्चा

​हादसे की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के राहगीर मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह, एसआई मोहनलाल, राजेन्द्र कुमार और एएसआई गजेंद्र सिंह मय जाब्ते तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय सामाजिक संस्था 'आपणो गांव सेवा समिति' और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी के सेवादारों ने तत्परता दिखाई और मलबे से तीनों घायलों को बाहर निकालकर तुरंत श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया।

​यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत पीबीएम अस्पताल (बीकानेर) के लिए रैफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; बीकानेर ले जाते समय रास्ते में ही 17 वर्षीय ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। घायल मुन्नीराम और अभिषेक का पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।

विधवा मां का एकमात्र कमाऊ बेटा था ओमप्रकाश, शादी वाले घर में कोहराम

​इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक ओमप्रकाश के पिता हरदेवाराम जाट का पूर्व में ही स्वर्गवास हो चुका था। परिवार में उसकी बुजुर्ग विधवा मां और चार छोटी बहनें हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी ओमप्रकाश के ही कंधों पर थी। वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी और छोटा-मोटा काम कर अपनी मां का हाथ बंटाता था। उसकी मौत से पूरे हंसते-खेलते परिवार का भविष्य बिखर गया है।

​दूसरी ओर, घायल मुन्नीराम कस्वां के परिवार में आज 6 जुलाई को विवाह समारोह का मुख्य आयोजन होना था। पूरा परिवार और रिश्तेदार शादी के जश्न में डूबे थे, लेकिन इस हादसे की खबर ने शादी की खुशियों को पल भर में गहरे मातम में बदल दिया।


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