— UCC को मंजूरी: विवाह, तलाक, संपत्ति व उत्तराधिकार पर लागू होगा एक समान कानून; बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध, लिव-इन और विवाह का पंजीकरण अनिवार्य।
— बेटे-बेटी को संपत्ति में बराबर हक: पोते का भी संपत्ति पर होगा अधिकार; जनजातीय/आदिवासी क्षेत्रों के रीति-रिवाजों को परिधि से बाहर रखा गया।
— राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट: खेजड़ी, रोहिड़ा सहित 29 प्रजातियों के पेड़ काटने पर ₹1 लाख जुर्माना व 1 साल की जेल; पेड़ काटने पर 10% नए पौधे लगाना जरूरी।
— कर्मचारियों व शहीदों के लिए बड़े निर्णय: पदोन्नति के लिए न्यूनतम अनुभव में 2 वर्ष की छूट; 1972 से पूर्व के 35 शहीद परिवारों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति।
जयपुर, 13 अगस्त: आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई दूरगामी व ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट से मंजूर किए गए ये सभी महत्वपूर्ण विधेयक 20 अगस्त से शुरू हो रहे राजस्थान विधानसभा के आगामी सत्र में पटल पर रखे जाएंगे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मूल ध्येय 'एक प्रदेश, एक कानून' की भावना को धरातल पर उतारना और हर वर्ग को समान अवसर व अधिकार प्रदान करना है।
UCC लागू करने वाला राज्य: बहुविवाह पर रोक, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
कैबिनेट द्वारा अनुमोदित 'समान नागरिक संहिता' (UCC) के मसौदे के तहत प्रदेश में विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार के नियमों में एकरूपता लाई जाएगी। कानून लागू होने के बाद बहुविवाह पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। विवाह का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत तथा समाप्ति की सूचना देना और तलाक का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है; ऐसा न करने पर ₹10,000 का जुर्माना लगेगा। उत्तराधिकार नियमों के तहत बेटे और बेटी को पिता की संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा, तथा पिता के जीवनकाल में पुत्र के निधन पर पोते को भी हक दिया जाएगा। हालांकि आदिवासी क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं को इससे मुक्त रखा गया है।
खेजड़ी व रोहिड़ा समेत 29 पेड़ों के काटने पर ₹1 लाख जुर्माना, कर्मचारियों को प्रमोशन में छूट
पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वीकृत 'राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' के अंतर्गत राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, कैर, महुआ व तेंदू सहित 29 वृक्ष प्रजातियों के काटने पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। बिना अनुमति पेड़ काटने पर ₹1 लाख जुर्माना व 1 साल की सजा का नियम 500 वर्ग मीटर से बड़े निजी भूखंडों पर भी लागू होगा। विशेष परिस्थिति में अनुमति मिलने पर 10% नए पौधे लगाने अनिवार्य होंगे।
इसके अलावा राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन) की न्यूनतम सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट दी है तथा स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 31 अक्टूबर 1972 तक के 35 शहीद सैनिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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