— उपभोक्ता आयोग का एक्शन: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बीकानेर ने जयपुर के फोर्टिस हॉस्पिटल के प्रबंधन को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब तलब किया है।
— आईसीयू शिफ्टिंग के दौरान का मामला: बीकानेर निवासी विनोद पुरोहित की माता उषा देवी को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां कैनुला लगाने के नाम पर उनकी 30 ग्राम सोने की आठ चूड़ियां उतार ली गई थीं।
— सीसीटीवी फुटेज और सुनवाई: परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने चूड़ियां लौटाने से इनकार कर दिया और प्लास्टिक की बताया, जबकि सीसीटीवी में चूड़ियां नजर आ रही थीं।
बीकानेर: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बीकानेर ने इलाज के दौरान मरीज के कीमती आभूषण गायब होने के एक गंभीर मामले में फोर्टिस हॉस्पिटल, जयपुर के प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला बीकानेर निवासी विनोद पुरोहित द्वारा दायर किए गए परिवाद से जुड़ा हुआ है।
कैनुला लगाने का हवाला देकर उतारी गईं थीं चूड़ियां
परिवाद के मुताबिक, विनोद पुरोहित की माता स्वर्गीय उषा देवी को गंभीर हालत में 7 अप्रैल 2026 को बीकानेर से एयर एम्बुलेंस या अन्य माध्यम से जयपुर के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि जब मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा था, तब अस्पताल के स्टाफ ने हाथों में पहनी करीब 30 ग्राम वजन की आठ सोने की चूड़ियां यह कहकर उतरवा लीं कि कैनुला लगाया जाना है और बाद में इन्हें वापस लौटा दिया जाएगा।
लेकिन परिजनों का आरोप है कि अगले दिन जब उन्होंने चूड़ियों की मांग की, तो अस्पताल स्टाफ ने उन्हें देने से इनकार कर दिया और चूड़ियों के अस्तित्व से ही मुकरते हुए उन्हें प्लास्टिक का बता दिया। परिजनों का यह भी कहना है कि आपातकालीन वार्ड से आईसीयू ले जाते समय के सीसीटीवी फुटेज में मरीज के हाथों में चूड़ियां साफ दिखाई दे रही हैं, लेकिन जिस काउंटर पर आभूषण उतारे गए थे, वहां की फुटेज उन्हें नहीं दिखाई गई। स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन से न्याय न मिलने के बाद परिजनों ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया है।
फिलहाल चूड़ियों के गायब होने की वास्तविक स्थिति और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है, यह आयोग की आगामी कार्रवाई और अस्पताल के जवाब के बाद स्पष्ट होगा।

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