— निगम में हंगामा: बीकानेर नगर निगम में एक महीने से सफाई न होने और कचरा गाड़ी न आने से नाराज वार्ड 37 के भाजपा पार्षद श्याम सिंह हाडला ने कमिश्नर सिद्धार्थ पलानीचामी के चैंबर में गुस्से में आकर जमीन पर सिर दे मारा और अपनी शर्ट फाड़ ली।
— अधिकारियों पर फूटा गुस्सा: पार्षद ने स्वास्थ्य अधिकारी रविंद्र सिंह धनकड़ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई और कहा कि पुराने टेंडर खत्म कर दिए गए और नए टेंडर भी ढंग से नहीं किए गए हैं, जिससे जनता का गुस्सा पार्षदों पर निकल रहा है।
— कांग्रेस-बीजेपी आए एक मंच पर: सफाई व्यवस्था के विरोध में सुबह कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया, जिसके बाद निगम कमिश्नर ने पार्षदों को वार्ता के लिए बुलाया था।
बीकानेर: बीकानेर नगर निगम में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब वार्ड 37 से भाजपा के पार्षद श्याम सिंह हाडला बिगड़ी सफाई व्यवस्था से तंग आकर उग्र हो गए। कचरा गाड़ी न आने और जनता की नाराजगी से परेशान पार्षद ने निगम कमिश्नर के चैंबर में ही अपना विरोध जताते हुए गुस्से में जमीन पर सिर दे मारा और कपड़े फाड़ लिए। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर उन्हें कमरे से बाहर निकाला।
कमिश्नर के चैंबर में तीखी नोकझोंक और विरोध
जानकारी के अनुसार, नगर निगम की कचरा गाड़ियां पिछले एक महीने से लोगों के घरों से कचरा नहीं उठा रही हैं। ड्राइवरों द्वारा फोन न उठाने के कारण पार्षदों को जनता के ताने सुनने पड़ रहे हैं। इसी पीड़ा से परेशान होकर भाजपा पार्षद श्याम सिंह हाडला निगम कमिश्नर सिद्धार्थ पलानीचामी के पास पहुंचे थे। चैंबर में स्वास्थ्य अधिकारी रविंद्र सिंह धनकड़ भी मौजूद थे।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्षद श्याम सिंह भड़क गए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि वार्डों में फील्ड में जाया नहीं जाता और काम ले रखा है, शर्म आनी चाहिए। इसके बाद गुस्से में उन्होंने जमीन पर बैठकर अपना सिर दे मारा। हॉल में भी कमिश्नर के सामने उन्होंने अपनी शर्ट फाड़कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी प्रदीप चारण ने उन्हें समझाकर बाहर निकाला।
टेंडर प्रक्रिया पर सवाल और कलेक्ट्रेट पर संयुक्त प्रदर्शन
पार्षद श्याम सिंह हाडला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन अधिकारी अपनी लापरवाही से मोहल्लों में कचरा गाड़ी नहीं भेज रहे हैं। पुराने टेंडर निरस्त कर दिए गए और नए टेंडर भी ठीक से नहीं किए गए, जिसमें कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि जब जनता पार्षदों को कोसती है, तो अधिकारियों के सामने सिर फोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।
इससे पूर्व शहर की बदतर सफाई व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद पहली बार एक मंच पर आए। सुबह सभी पार्षद डंपिंग यार्ड से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और सफाई वाहनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। उपमहापौर पंकज गहलोत, भगवान सिंह मेड़तिया, जावेद पड़िहार, नवरतन डागा और सुभाष स्वामी सहित दोनों दलों के कई पार्षद इसमें शामिल रहे। प्रदर्शन के बाद निगम आयुक्त ने सभी पार्षदों को वार्ता के लिए निगम बुलाया था, जहां वार्ता के दौरान यह हंगामा हुआ।

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