बीकानेर जिले में आत्महत्याओं के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। छोटी उम्र के युवा से लेकर मध्यम आयु वर्ग तक लोग विभिन्न कारणों से अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि नशा, प्रेम संबंध, कर्ज़, ब्लैकमेलिंग, मानसिक तनाव, गुस्सा और बीमारियां इस बढ़ते ग्राफ के प्रमुख कारण हैं।
पिछले 24 घंटे में जिले में तीन लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पहली घटना देशनोक की है, जहां हरखानियों का बास निवासी राकेश (पुत्र जगदीश नाई) ने मानसिक तनाव के चलते फांसी लगा ली।
दूसरी घटना छत्तरगढ़ की है, जहां 25 वर्षीय तेजुसिंह (पुत्र मोहनसिंह) ने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
तीसरी घटना दावा गांव की है, जहां 45 वर्षीय नारायणराम (पुत्र मेघाराम जाट) ने खेत में खेजड़ी के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी कक्कू गांव के पूर्व सरपंच रेवंतराम राहड़ ने पुलिस को दी।
पुलिस ने तीनों मामलों में कानूनी कार्रवाई करते हुए शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। लगातार हो रही आत्महत्याओं ने जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
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