– गजनेर रोड की घटना: बाबूलाल पुलिया के पास प्रशासन की घोर लापरवाही; कई बार शिकायतों के बाद भी नहीं ढका नाला, ठेकेदार पर कब होगा एक्शन?
– बाल-बाल बची जान: चंद सेकंड की देरी होती तो अनहोनी तय थी; आक्रोशित लोग बोले- क्या किसी की लाश गिरने के बाद जागेंगे अधिकारी?
बीकानेर, 28 जनवरी (बुधवार)। बीकानेर के गजनेर रोड पर प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही एक मासूम की जान पर भारी पड़ने वाली थी। बाबूलाल पुलिया के पास अंबे आयरन स्टोर के नजदीक एक अधूरा और खुला पड़ा नाला 'मौत का कुआं' साबित हुआ।
बुधवार को यहां खेलते समय एक मासूम बच्चा अचानक उस खुले नाले में गिर गया। यह पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए।
फुर्ती दिखाई, तो बच गई जान
घटना के वक्त बच्चा नाले के किनारे खेल रहा था। अचानक उसका पैर फिसला और वह सीधे गहरे नाले में जा गिरा। बच्चे के गिरते ही वहां हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों की नजर पड़ गई। उन्होंने बिना एक पल गंवाए साहस और तत्परता दिखाई और बच्चे को तुरंत नाले से बाहर खींच लिया। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को सहमा दिया है।
"शिकायतें रद्दी की टोकरी में"
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे नाले को लेकर वे कई बार प्रशासन और ठेकेदार से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने बार-बार आगाह किया था कि यह खुला नाला कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद न तो नाले को ढका गया और न ही निर्माण कार्य पूरा किया गया। ऐसा लगता है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे।
ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों ने जिला कलक्टर और निगम प्रशासन से मांग की है कि इस अधूरे नाले को तुरंत ढका जाए और लापरवाह ठेकेदार व जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह घटना साफ संकेत देती है कि प्रशासनिक सुस्ती आमजन की जान पर भारी पड़ रही है।

0 Comments