– महादान: 10 फरवरी को होने वाले सामूहिक विवाह से पहले उठी मदद की कतारें; बिन्नाणी चौक में सर्वसमाज की कन्याओं को मिला 'कन्यादान'
– केशरी नंदन समिति भी आई आगे: 45 बेटियों को दिए बर्तन; बीकानेर में सामाजिक सरोकार की अनूठी परंपरा
बीकानेर, 1 फरवरी (रविवार)। बीकानेर में आगामी 10 फरवरी को होने जा रहे पुष्करणा समाज के ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह (सावा) की रौनक अब चरम पर है। इस 'महाकुंभ' में परिणय सूत्र में बंधने वाली जरूरतमंद बेटियों की मदद के लिए 'छोटी काशी' का दिल पसीज गया है।
शनिवार और रविवार को शहर में सेवा और समर्पण का अद्भुत नजारा दिखा। एक तरफ स्व. मेघराज बिन्नाणी परिवार ने 132 साल पुरानी परंपरा निभाते हुए 110 कन्याओं को सोने-चांदी के गहनों से लाद दिया, तो वहीं केशरी नंदन सेवा समिति ने भी रसोई के बर्तन बांटकर सहयोग का हाथ बढ़ाया।
1. बिन्नाणी परिवार: दादा की वसीयत, पोते का फर्ज
बिन्नाणी चौक निवासी रामगोपाल बिन्नाणी अपने दादा स्व. मेघराज बिन्नाणी और पिता स्व. बुलाकी दास बिन्नाणी की वसीयत को आज भी जीवित रखे हुए हैं। रामगोपाल बिन्नाणी ने बताया कि उनके पूर्वजों ने वसीयत में सामाजिक सरोकार के लिए मदद करने का आदेश दिया था। वे पिछले 132 वर्षों से इस परंपरा को निभा रहे हैं। शनिवार को बिन्नाणी परिवार और भामाशाहों ने मिलकर सर्वसमाज की 110 जरूरतमंद कन्याओं को 'खिरोड़े' (विवाह सामग्री) का सामान वितरित किया।
एक बेटी को मिला इतना सब कुछ:
बिन्नाणी परिवार की ओर से प्रत्येक कन्या को ये सामान दिया गया: एक सोने का तिनखा, एक जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी चांदी की बिछिया, 500 रुपये, 5-5 किलो (पापड़, चावल, चीनी, बड़ी, मूंग दाल) और 7 नारियल, 1 साड़ी, सुहाग की छाबड़ी, कंबल, स्टील की टंकी, थाली-गिलास (4-4 नग), चम्मच, 8 कटोरी, परात, स्टील के डिब्बे, जग और चप्पल।
ये टीम जुटी सेवा में:
इस महायज्ञ में रामगोपाल बिन्नाणी के साथ किशन लोहिया, रामजी व्यास, श्याम सुन्दर राठी, राजकुमार पारीक, केदार आचार्य, सुशीला देवी पच्चीसिया, किरण देवी भट्टड़, दुर्गा मोहता सहित दर्जनों कार्यकर्ता दिन-रात लगे हुए हैं।
2. केशरी नंदन समिति: 45 परिवारों को संबल
बी.के. स्कूल के पीछे स्थित केशरी नंदन सेवा समिति ने भी अपनी आहुति दी है। समिति ने 45 जरूरतमंद कन्याओं के परिजनों को विवाह में काम आने वाले बर्तनों (दाल और रसोई के सामान) का सेट वितरित किया।अध्यक्ष रामनारायण आचार्य की अगुवाई में सचिव सुनील दत्त ओझा, कोषाध्यक्ष नवल आचार्य, कृष्णकांत पुरोहित और महिला सदस्यों (सरोज देवी, संगीता आचार्य) ने यह सेवा कार्य संपन्न किया। आचार्य ने बताया कि संस्था हर सावे पर अपनी क्षमतानुसार मदद करती है, ताकि किसी बेटी की शादी में कोई कमी न रहे।

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