– सिस्टम फेल: चॉक पॉइंट तलाशने के नाम पर जगह-जगह खोद दी सड़क, फिर भी नहीं मिला समाधान; ठेकेदार ने हाथ खड़े कर कंपनी पर डाला जिम्मा
– जनता बेहाल: घरों में बैक मार रहा सीवर का पानी; बीमारी और बदबू से जीना हुआ मुहाल, संपर्क पोर्टल पर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
बीकानेर, 1 फरवरी (रविवार)। बीकानेर के रिहायशी इलाके सादुल कॉलोनी में पिछले कई दिनों से हालात बद से बदतर हो गए हैं। सीवरेज लाइन चॉक (Blocked) होने से पूरी कॉलोनी 'टापू' में तब्दील हो गई है। गटर का गंदा पानी सड़कों पर नाले की तरह बह रहा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है।
प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही का आलम यह है कि आवाजाही का रास्ता बंद होने पर मजबूर होकर स्थानीय निवासियों को सड़क पर मलबा डलवाकर अपने लिए रास्ता बनाना पड़ा है।
घरों में घुस रहा बीमारी का पानी
कॉलोनीवासियों ने बताया कि स्थिति अब बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है। सीवर लाइन जाम होने से गंदे पानी की निकासी बंद हो गई है। अब यह पानी वापस घरों के अंदर आ रहा है, जिससे टॉयलेट और बाथरूम का उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर जमा गंदे पानी से भयंकर बदबू और मच्छर पनप रहे हैं, जिससे पूरी कॉलोनी में बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
ठेकेदार ने खोदा, फिर खड़े किए हाथ
शिकायत करने पर संबंधित ठेकेदार ने समाधान का प्रयास तो किया, लेकिन वह 'इलाज से ज्यादा बीमारी' बन गया। ठेकेदार ने चॉक पॉइंट तलाशने के लिए सड़क को जगह-जगह से खोद दिया, लेकिन ब्लॉक कहां है, यह पकड़ में नहीं आया। अब टूटी सड़क और बहते पानी के बीच ठेकेदार ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि उसने समस्या के बारे में संबंधित कंपनी को 'लिखित' में भेज दिया है। यानी, अब जनता भगवान भरोसे है।
मलबा डालकर निकाली राह
सड़क पर इतना पानी और कीचड़ है कि पैदल चलना नामुमकिन था। हारकर मोहल्ले के लोगों ने चंदा करके या अपने स्तर पर सड़क पर मलबा और ईंट-पत्थर डलवाए, ताकि उस पर पैर रखकर आया-जाया जा सके।
संपर्क पोर्टल पर शिकायत, पर एक्शन नहीं
बताया जा रहा है कि परेशान लोगों ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार को छुट्टी होने के कारण समस्या और विकराल हो गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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