– शेड्यूल जारी: 21 मार्च से 4 अप्रैल तक आंशिक और 5 मई तक रहेगी पूर्ण नहरबंदी; बीछवाल और शोभासर जलाशयों को पूरा भरने की कवायद शुरू।
– नया सेटअप: नयाशहर, धरणीधर और सर्किट हाउस सहित 6 नई टंकियों से अंतिम छोर तक पानी पहुँचाने का ट्रायल; कलेक्टर ने दिए पानी चोरी रोकने के निर्देश।
बीकानेर, 9 मार्च (सोमवार)।बीकानेर शहर की प्यास बुझाने वाले इंदिरा गांधी नहर के पानी पर अगले दो महीनों तक पहरा रहने वाला है। प्रस्तावित नहरबंदी के दौरान शहरवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए न तरसना पड़े, इसके लिए जलदाय विभाग ने 145 एमएलडी प्रतिदिन की आवश्यकता के अनुसार स्टोरेज प्लान तैयार किया है।
नहरबंदी का पूरा कैलेंडर
आंशिक नहरबंदी: 21 मार्च से 4 अप्रैल (इस दौरान पानी की आवक कम रहेगी)।
पूर्ण नहरबंदी: 5 अप्रैल से 5 मई (नहर से पानी की आवक पूरी तरह बंद रहेगी)।
जलाशयों की स्थिति: 18 दिन का है 'सेफ जोन'
जलदाय विभाग के अनुसार, यदि बीछवाल और शोभासर जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक भर लिए जाते हैं, तो शहर को 18 दिनों तक बिना किसी कटौती के पानी दिया जा सकता है।
बीछवाल जलाशय: क्षमता 6.2 मीटर (वर्तमान में 4 मीटर भरा, 2.2 मीटर खाली)।
शोभासर जलाशय: क्षमता 5.5 मीटर (वर्तमान में 2.85 मीटर भरा, 2.65 मीटर खाली)। विभाग का लक्ष्य है कि 5 अप्रैल से पहले इन दोनों को लबालब भर लिया जाए। पूर्ण नहरबंदी के दौरान शुरुआत के 7 दिन नियमित सप्लाई होगी, जिसके बाद एक दिन छोड़कर (Alt Day) पानी दिया जाएगा।
6 नई टंकियों से टेस्टिंग और सप्लाई
इस नहरबंदी के दौरान विभाग शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा। छह नई बनी टंकियों का उपयोग शुरू कर सप्लाई की टेस्टिंग की जाएगी:
- नयाशहर (दूसरी टंकी) 2. धरणीधर 3. जवाहर नगर 4. सर्किट हाउस 5. सेटेलाइट अस्पताल 6. पटेल नगर।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: "पानी चोरी हुई तो होगी कार्रवाई"
साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने स्पष्ट किया कि नहरबंदी के दौरान पानी की एक-एक बूंद कीमती है। उन्होंने जलदाय और जल संसाधन विभाग को पानी चोरी रोकने के लिए गश्त बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्गियां व पशुओं की खेलियां भरवाने के निर्देश दिए हैं।

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