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बीकानेर नगर निगम का अवैध निर्माण पर 'हल्ला बोल': इस दिन तक तैयार होगी वार्डवार सूची; बिना अनुमति बने भवनों पर गिरेगी गाज

India-1stNews



– राजस्व की मार: आवेदन से लेकर प्लांटेशन और पार्किंग शुल्क तक की हो रही चोरी; बिना अनुमति निर्माण से निगम को लग रहा लाखों का चूना।

– जिम्मेदारी तय: कनिष्ठ अभियंताओं (JEN) और वार्ड जमादारों को सौंपा सर्वे का काम; स्वच्छता निरीक्षकों को सौंपी गई निगरानी।

– सख्त संदेश: अनुमति से ज्यादा निर्माण या नियमों को दरकिनार करने वालों को सूचीबद्ध कर की जाएगी कानूनी कार्रवाई।

बीकानेर, 14 मार्च (शनिवार)। नगर निगम बीकानेर अब शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर हो रहे हर निर्माण पर पैनी नजर रखने जा रहा है। निगम प्रशासन को शिकायतें मिली हैं कि शहर में कई स्थानों पर न केवल बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहे हैं, बल्कि स्वीकृत नक्शे से कहीं ज्यादा निर्माण कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

राजस्व के नुकसान पर निगम सख्त

​उपायुक्त यशपाल आहूजा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति निर्माण से निगम को भारी आर्थिक हानि हो रही है।

  • इन शुल्कों की चोरी: अवैध निर्माण के कारण निगम को आवेदन शुल्क, अनुमति शुल्क, प्लांटेशन शुल्क, पार्किंग शुल्क, लेबर सेस और वाटर हार्वेस्टिंग जैसे महत्वपूर्ण शुल्कों का भुगतान नहीं मिल पा रहा है।

वार्डवार शुरू हुई घेराबंदी

​निगम ने इस बार जांच का तरीका जमीनी स्तर पर रखा है। 16 मार्च तक शहर के सभी वार्डों की विस्तृत सूची तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। वार्ड जमादार और कनिष्ठ अभियंता घर-घर जाकर निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे।सहायक अभियंता (AEN) और स्वच्छता निरीक्षकों को इस पूरी प्रक्रिया के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।

नियम विरुद्ध निर्माण भी रडार पर

​यह कार्रवाई केवल उन पर नहीं होगी जिनके पास अनुमति नहीं है, बल्कि उन पर भी होगी जिन्होंने: ​अनुमति से अधिक मंजिलें बना ली हैं। ​सेट-बैक (खाली जगह) के नियमों का उल्लंघन किया है। ​व्यावसायिक निर्माण को आवासीय अनुमति पर खड़ा किया है।

आयुक्त की अपील: अनुमति है अनिवार्य

​नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष ने स्पष्ट संदेश दिया है कि निगम क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अनुमति लेना कानूनी रूप से आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सूची तैयार होने के बाद नियम अनुसार सीज करने या जुर्माना लगाने जैसी सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।


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