Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर आत्मदाह मामला: जयपुर में रामलाल ने तोड़ा दम; ब्लैकमेलिंग के आरोपों से था व्यथित, पुलिस बोली— 'मानसिक अवसाद का चल रहा था इलाज'

India-1stNews



– दुखद अंत: 80 प्रतिशत तक झुलस चुके रामलाल की जयपुर में इलाज के दौरान मौत; सीओ अमरजीत सिंह ने की पुष्टि।

– वजह का खुलासा: युवती द्वारा ब्लैकमेल करने और परेशान करने के आरोपों को लेकर था परेशान; परिजनों में शोक की लहर।

– नया मोड़: पुलिस का दावा— पिछले एक साल से चल रहा था मनोचिकित्सक से उपचार; मानसिक तनाव में उठाया आत्मघाती कदम।

बीकानेर/खाजूवाला, 14 मार्च (शनिवार)।बीकानेर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार दोपहर खुद को आग के हवाले करने वाले रामलाल मेघवाल (निवासी 4 बीजीएम भागू, खाजूवाला) की जीवनलीला समाप्त हो गई है। जयपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए शनिवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। इस घटना के बाद बीकानेर से लेकर खाजूवाला तक सनसनी फैल गई है।

तड़पते हुए जयपुर हुआ था रेफर

​शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे रामलाल चिल्लाते हुए एसपी कार्यालय से बाहर निकला और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई, लेकिन तब तक वह 80 प्रतिशत तक झुलस चुका था। बीकानेर के पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ब्लैकमेलिंग के आरोपों की पड़ताल

​परिजनों और शुरुआती जांच के अनुसार, रामलाल एक युवती द्वारा किए जा रहे कथित ब्लैकमेल और मानसिक उत्पीड़न से बेहद व्यथित था। इसी सिलसिले में वह शुक्रवार को एक बार फिर अपनी फरियाद लेकर एसपी कार्यालय पहुँचा था, लेकिन वहां से बाहर निकलते ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

पुलिस का 'मेंटल हेल्थ' एंगल

​घटना के बाद पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रामलाल पिछले एक साल से मनोचिकित्सक (Psychiatrist) से अपना इलाज करवा रहा था और वह गंभीर मानसिक अवसाद (Depression) से जूझ रहा था। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या आत्मदाह की वजह केवल ब्लैकमेलिंग थी या इसमें उसकी मानसिक स्थिति का भी बड़ा हाथ रहा।

CO अमरजीत सिंह ने की पुष्टि

​सीओ (CO) अमरजीत सिंह चावला ने युवक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम जयपुर में करवाकर परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, खाजूवाला और बीकानेर पुलिस अब उस 'ब्लैकमेलिंग' के आरोपों की भी गहराई से जांच कर रही है, जिसका जिक्र रामलाल ने अपने परिवाद में किया था।


Post a Comment

0 Comments