– बड़ा मोड़: छत्तरगढ़ पुलिस और SDRF की मेहनत पर फिरा पानी; सुसाइड का स्वांग रचकर बच्चों और मां के साथ पूगल में छिपी थी महिला।
– ऐसे खुला राज: समाजसेवी जीवन खां कोहरी की सूचना पर पूगल की 682 RD से महिला को किया दस्तयाब; पुलिस अब कर रही पूछताछ।
बीकानेर, 8 मार्च (रविवार)।बीकानेर के छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र की इंदिरा गांधी नहर (IGNP) में दो मासूम बेटियों के साथ छलांग लगाने की आशंका वाली महिला मैना का मामला पूरी तरह फिल्मी निकला। शुक्रवार से जिस महिला के नहर में डूबने की आशंका जताई जा रही थी, उसे शनिवार देर रात पूगल क्षेत्र में सुरक्षित ढूंढ लिया गया है। महिला अपनी मां और दोनों बच्चों के साथ एक होटल के बाहर बैठी मिली।
नहर किनारे छोड़ा था सुसाइड नोट और जेवर
याद दिला दें कि शुक्रवार सुबह सत्तासर के पास 605 RD पर मैना पत्नी हीरालाल के कपड़े, चप्पल और एक सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट में पति और सास पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने इसे सामूहिक सुसाइड का मामला मानते हुए SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शुक्रवार और शनिवार शाम तक नहर में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
समाजसेवी की सूचना ने बदला पूरा केस
शनिवार रात को सत्तासर के समाजसेवी जीवन खा कोहरी को सूचना मिली कि मैना पूगल क्षेत्र में देखी गई है। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी छत्तरगढ़ पुलिस को दी। पुलिस टीम बिना समय गंवाए पूगल क्षेत्र की 682 RD पहुँची। वहां मैना अपनी दो बच्चियों और अपनी मां कम्मा के साथ एक होटल के बाहर मिली।
पुलिस की जांच जारी
छत्तरगढ़ पुलिस महिला और उसकी मां को थाने ले आई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, महिला ससुराल की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान देने का नाटक कर घर से भाग गई थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह पूगल तक कैसे पहुँची और इस पूरी योजना में उसकी मां की क्या भूमिका थी। साथ ही, सुसाइड नोट में ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों की भी सच्चाई जांची जा रही है।

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