– व्यापक सर्जरी: प्रदेश के अधिकतर जिलों के एसपी बदले गए; सभी जिलों से डीआईजी (DIG) स्तर के अधिकारियों को हटाया गया।
– बीकानेर का बेटा, बीकानेर की कमान: नागौर में नशा तस्करों के 'हवाई जहाज' बनाने वाले मृदुल कच्छावा अब अपने गृह जिले की सुरक्षा संभालेंगे।
– अतिरिक्त प्रभार: भिवाड़ी एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय को खैरथल-तिजारा एसपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
बीकानेर/जयपुर, 14 मार्च (शनिवार)। राजस्थान सरकार ने देर रात भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की एक बड़ी तबादला सूची जारी की। इस फेरबदल के जरिए सरकार ने जिलों की कानून व्यवस्था को नया स्वरूप देने की कोशिश की है। बीकानेर के वर्तमान एसपी कावेंद्र सिंह सागर का स्थानांतरण जयपुर कर दिया गया है, और उनकी जगह 2015 बैच के तेजतर्रार आईपीएस मृदुल कच्छावा को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
बीकानेर में चुनौतियां और उम्मीदें
बीकानेर में हाल के दिनों में बढ़ते साइबर अपराध, नशे के अवैध कारोबार और जेल सुरक्षा जैसी चुनौतियों के बीच मृदुल कच्छावा की नियुक्ति को काफी अहम माना जा रहा है। शहरवासियों को उम्मीद है कि उनके आने से कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
वहीं, निवर्तमान एसपी कावेंद्र सिंह सागर को अब जयपुर में एसपी (सिविल राइट्स) की जिम्मेदारी दी गई है। उनके कार्यकाल में बीकानेर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण गुत्थियां सुलझाईं और हाल ही में बम धमकियों के दौरान त्वरित कार्रवाई की।
मृदुल कच्छावा: सीए-सीएस से आईपीएस तक का सफर
30 अगस्त 1989 को बीकानेर में जन्मे मृदुल कच्छावा की गिनती राजस्थान पुलिस के सबसे काबिल और सख्त अधिकारियों में होती है। बीकानेर में शुरुआती पढ़ाई के बाद जयपुर से बी.कॉम और इंटरनेशनल बिजनेस में मास्टर्स किया। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कंपनी सेक्रेटरी (CS) की डिग्री भी रखते हैं। धौलपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने चंबल के खूंखार डकैतों का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया था।
'ऑपरेशन नीलकंठ' और 'हवाई जहाज' मॉडल
वर्तमान में नागौर एसपी के रूप में मृदुल कच्छावा का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने नशे के खिलाफ 'ऑपरेशन नीलकंठ' चलाकर तस्करों की कमर तोड़ दी। बाथरूम के तहखाने से 1.35 करोड़ की एमडी ड्रग्स बरामद करना हो या 2 करोड़ का डोडा पोस्त, कच्छावा ने 'जीरो टॉलरेंस' के साथ काम किया। नशा तस्करों के खिलाफ उनकी त्वरित और कठोर कार्रवाई के कारण उन्हें अपराधियों के बीच 'हवाई जहाज' के नाम से जाना जाने लगा। पांच महीनों में 81 तस्करों को जेल भेजना उनकी कार्यशैली का प्रमाण है।
जिलेवार मुख्य बदलाव
तबादला सूची के अनुसार, सरकार ने जिलों में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों से डीआईजी स्तर के अधिकारियों को हटा दिया है। अब जिलों की सीधी कमान एसपी स्तर के अधिकारियों के हाथ में होगी। भिवाड़ी एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ खैरथल-तिजारा जिले का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।




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