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UPSC AIR-79 को लेकर बना सस्पेंस खत्म; बीकानेर की प्रियंका चौधरी ही बनीं IAS, गाजीपुर की प्रियंका से हुआ था 'नाम' का भ्रम

India-1stNews



– मेहनत का मीठा फल: 5वें प्रयास में हासिल की 79वीं रैंक; बीकानेर के सोफिया स्कूल से हुई शुरुआती पढ़ाई और IIT रुड़की से किया मास्टर्स।

– संघर्ष की कहानी: तीन बार इंटरव्यू तक पहुँचीं, निराशा के बाद फिर खुद को संभाला और 2025 में पूरा किया सपना।

– गौरवशाली परिवार: पति हिमाचल के चंबा में हैं डीसी (IAS); पिता बीकानेर में चलाते हैं पेट्रोल पंप और कार एजेंसी।

बीकानेर, 13 मार्च (शुक्रवार)।संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में रैंक-79 को लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच बना भ्रम अब दूर हो गया है। मेरिट लिस्ट में नाम एक जैसा होने के कारण उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक अभ्यर्थी ने भी इस रैंक पर दावा किया था, लेकिन मार्कशीट और रोल नंबर के मिलान के बाद असली सफलता बीकानेर की बेटी प्रियंका चौधरी के हिस्से आई है।

गाजीपुर में जश्न और फिर मायूसी

​रिजल्ट आने के बाद गाजीपुर के गौरा खास गांव में जश्न का माहौल था। वहां के नीराराम (जो पेशे से ड्राइवर हैं) की बेटी प्रियंका चौधरी ने भी परीक्षा दी थी। समान नाम के कारण गांव में मिठाई बंट गई और पिता भावुक होकर बेटी की गाड़ी चलाने तक की बात कह दी। हालांकि, बाद में उस युवती ने खुद स्पष्ट कर दिया कि इस रैंक पर उसका चयन नहीं हुआ है।

IIT से IAS तक का सफर

​बीकानेर की प्रियंका चौधरी शुरू से ही मेधावी रही हैं।उन्होंने बीकानेर के सोफिया स्कूल से 11वीं तक पढ़ाई की, फिर 12वीं के बाद IIT रुड़की से 'जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी' में मास्टर्स किया। प्रियंका के पिता शंकरलाल सहारण ने बताया कि 2020 में पहली बार परीक्षा देने के बाद प्रियंका लगातार 2021, 22 और 23 में प्री व मेंस क्लियर कर इंटरव्यू तक पहुँचीं। 2023 में अंतिम चयन न होने पर वह निराश जरूर हुईं, लेकिन हार नहीं मानी।2023 के इंटरव्यू के ठीक 3 दिन बाद प्री परीक्षा थी, जिसे उन्होंने बिना किसी विशेष तैयारी के केवल पुराने अनुभव के आधार पर क्लियर कर लिया था।

परिवार में है 'पावरफुल' बैकग्राउंड

​प्रियंका का ससुराल और मायका दोनों ही प्रतिष्ठित हैं।पिता शंकरलाल बीकानेर में जैसलमेर रोड पर सारण पेट्रोल पंप और कार एजेंसी संचालित करते हैं। छोटी बहन एमबीबीएस कर रही हैं और भाई इंजीनियरिंग। प्रियंका के पति 2015 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में जिला कलेक्टर (DC) के पद पर तैनात हैं।

प्रियंका की अपील: "विवाद नहीं, भ्रम था"

​प्रियंका ने बताया कि दूसरी युवती ने भ्रमवश दावा किया था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और अपने धैर्य को दिया है। बीकानेर के कॉन्सेप्ट इंस्टीट्यूट से तैयारी करने वाली प्रियंका अब देश की प्रशासनिक सेवा में अपना योगदान देंगी।


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