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बीकानेर: सादुलगंज में अतिक्रमण हटाने पहुँची BDA की टीम का भारी विरोध; पट्टे होने के बावजूद कार्रवाई का आरोप, बिना तोड़े लौटा दल

India-1stNews



– टकराव की स्थिति: रिटायर्ड एएसआई के मकान पर 'पीला पंजा' चलाने पहुँचा था जाब्ता; पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई और तहसीलदार के बीच तीखी बहस।

– पट्टे का दावा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी हुए थे 8 मकानों के पट्टे; स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर बार-बार परेशान करने का लगाया आरोप।

– स्थापना दिवस पर तनाव: पॉश कॉलोनी सादुलगंज में अफरा-तफरी का माहौल; दस्तावेजों के तर्क के आगे बैरंग लौटी प्रशासन की टीम।



बीकानेर, 20 अप्रैल (सोमवार)।बीकानेर स्थापना दिवस की खुशियों के बीच सादुलगंज इलाके में सोमवार को माहौल गर्मा गया। बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम मय जाब्ता सेवानिवृत्त एएसआई हनुमानदान चारण के मकान पर अतिक्रमण हटाने पहुँची थी। लेकिन स्थानीय लोगों की एकजुटता और दस्तावेजों के आधार पर दिए गए तर्कों ने बीडीए के 'पीले पंजे' की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।

दस्तावेजों और पट्टे पर छिड़ी जंग

​मौके पर पहुँचे पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने बीडीए की इस कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने तहसीलदार आकांक्षा गोदारा और सदर थानाधिकारी सुरेन्द्र पचार के सामने स्पष्ट किया कि सादुलगंज के इन 8 मकानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। तत्कालीन नगर विकास न्यास (UIT) सचिव ने इन मकानों के पट्टे जारी किए थे। विश्नोई ने कहा कि जब पट्टे मौजूद हैं और दस्तावेज पूर्व में ही बीडीए कार्यालय में जमा कराए जा चुके हैं, तो बार-बार अतिक्रमण के नाम पर परेशान करना न्यायसंगत नहीं है।

तहसीलदार और पूर्व पार्षद के बीच तीखी बहस

​कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और मनोज विश्नोई के बीच काफी देर तक कहासुनी चलती रही। विश्नोई ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि नियम सम्मत पट्टों को 'कच्ची बस्ती का अतिक्रमण' मानकर कार्रवाई की गई, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काफी देर तक चले इस ड्रामे और तर्कों के सामने आखिरकार बीडीए टीम को झुकना पड़ा और बिना कोई तोड़फोड़ किए दल वापस लौट गया।

कलक्टर के पास पहुँचेगी शिकायत

​पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने बताया कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही जिला कलक्टर से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार मकान मालिकों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कलक्टर के समक्ष सभी तथ्यात्मक दस्तावेज फिर से प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की अनावश्यक कार्रवाई पर रोक लग सके।

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