– पुलिस की सुस्ती: अक्टूबर 2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा, अब तक सिर्फ रूपा और विजय झुनझुनवाला ही आए हाथ।
– करोड़ों का गबन: 2105 ग्राम सोने की नहीं हुई बरामदगी; आरोपियों ने नाम बदल-बदलकर कई व्यापारियों को बनाया निशाना।
– पीड़ितों का दर्द: नयाशहर थाने के चक्कर काटकर थके व्यापारी; पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और शिथिलता बरतने के आरोप।
बीकानेर, 09 अप्रैल (गुरुवार)।बीकानेर के नयाशहर थाना क्षेत्र में स्वर्ण व्यापारियों के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला पुलिस की फाइलों में दबकर रह गया है। करीब डेढ़ साल पहले आभूषण बनाने के नाम पर व्यापारियों का सोना हड़पने वाला गिरोह आज भी खुला घूम रहा है। मुख्य आरोपी हेमंत और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने से बीकानेर के स्वर्ण व्यवसायियों में भारी रोष है।
साजिश के तहत हड़पा 7 करोड़ का सोना
जसूसर गेट के बाहर श्रीनाथ ज्वैलर्स के संचालक हुकमचंद सोनी ने अक्टूबर 2024 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों ने षड्यंत्रपूर्वक हुकमचंद और अन्य व्यापारियों से आभूषण बनाने के लिए सोना लिया और उसे खुर्द-बुर्द कर दिया। पुलिस अब तक महज रूपा झुनझुनवाला और विजय झुनझुनवाला को ही पकड़ पाई है, जबकि इस गिरोह के असली खिलाड़ी अब भी फरार हैं।
फरार आरोपियों की सूची:
- विक्रम झुनझुनवाला उर्फ विक्की (कोलकाता निवासी)
- अक्षत झुनझुनवाला
- श्रीकांत सिकरिया
- हेमंत सिकरिया (गिरोह का मास्टरमाइंड)
- एक अन्य आरोपी।
नाम बदल-बदलकर करते हैं शिकार
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर है और पहचान छिपाकर व्यापारियों का विश्वास जीतता है। इनके खिलाफ बीकानेर में पहले से ही ब्रह्मपुरी चौक निवासी जयप्रकाश नथमल सोनी और कैलाश सोनी द्वारा दर्ज कराए गए तीन मुकदमे लंबित हैं। इतना ही नहीं, इनके खिलाफ कोलकाता में भी दो मामले दर्ज हैं।
परिवादियों का आरोप: "सिर्फ आश्वासन मिल रहा, न्याय नहीं"
पीड़ित व्यापारी हुकमचंद सोनी का कहना है कि वे कई बार जिला पुलिस अधीक्षक और थानाधिकारी को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन उपनिरीक्षक राकेश गोदारा के नेतृत्व में चल रही जांच में कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है। न तो 2105 ग्राम सोना बरामद हो रहा है और न ही मुख्य तस्करों की लोकेशन मिल रही है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस की इसी ढिलाई के कारण ठगों के हौसले बुलंद हैं।

0 Comments