– बाधाएं खत्म: बजट की कमी हुई दूर; अतिरिक्त 22 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी, प्रशासन ने जारी किए 'वर्क ऑर्डर'।
– स्मार्ट प्लानिंग: एक साथ नहीं, बारी-बारी से बनेंगे अंडरपास; कोटगेट का काम पूरा होने तक सांखला फाटक से जारी रहेगा ट्रैफिक।
– बजट का गणित: जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे 16 करोड़, बाकी राशि से शिफ्ट होंगी बिजली-पानी और सीवरेज की लाइनें।
बीकानेर, 23 अप्रैल (गुरुवार)। बीकानेर शहर की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले कोटगेट और सांखला फाटक के ट्रैफिक जाम से अब जल्द ही शहरवासियों को स्थाई निजात मिलने वाली है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण अंडरपास प्रोजेक्ट की सभी बाधाओं को दूर करते हुए इसे धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। बजट की कमी को दूर करने के साथ ही प्रोजेक्ट के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।
22 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर
इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआत में 35 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे, लेकिन जब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हुई, तो लागत बढ़कर 57 करोड़ रुपए पहुँच गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज एक दिन पहले ही अतिरिक्त 22 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कर ली है। इस बजट में से करीब 16 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे, वहीं शेष राशि से यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली, पानी और सीवरेज लाइन) का कार्य किया जाएगा।
प्रशासनिक फैसला: पहले कोटगेट, फिर सांखला फाटक
शहर की रफ्तार न थमे, इसके लिए प्रशासन ने एक बेहद व्यावहारिक निर्णय लिया है। अंडरपास का निर्माण एक साथ दोनों फाटकों पर नहीं किया जाएगा।
- फेज-1: सबसे पहले कोटगेट साइड के अंडरपास का काम शुरू होगा। इस दौरान सांखला फाटक का रास्ता यातायात के लिए खुला रहेगा।
- फेज-2: जब कोटगेट का काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद ही सांखला फाटक पर निर्माण कार्य हाथ में लिया जाएगा। इससे शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र और आमजन को आवाजाही में कम से कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दशकों पुराना सपना होगा पूरा
कोटगेट और सांखला फाटक पर रेलवे क्रॉसिंग के कारण बीकानेर दो हिस्सों में बंटा नजर आता था। बार-बार फाटक बंद होने से एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक घंटों जाम में फंसी रहती थीं। अंडरपास बनने से न केवल समय बचेगा, बल्कि शहर के व्यापारिक परिदृश्य में भी बड़ा बदलाव आएगा।

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