– बड़ा एक्शन: SIT-STF की संयुक्त टीम ने भोपाल में की कार्रवाई; व्हाट्सएप कॉल के जरिए व्यापारियों को धमका रहा था गिरोह।
– बीकानेर कनेक्शन: राजस्थान के बीकानेर निवासी जेपी डारा गिरोह को दे रहा था आर्थिक मदद और संसाधन; पुलिस रिमांड पर आरोपी।
– खौफनाक तरीका: हैरी बॉक्सर और लॉरेंस गैंग का नाम लेकर मांगते थे करोड़ों की फिरौती; घर की रेकी कर वीडियो भेजकर डराते थे।
भोपाल/बीकानेर, 24 अप्रैल (शुक्रवार)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर और खरगोन सहित कई जिलों में व्यापारियों को धमकाने वाले गिरोह पर पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और STF ने गिरोह के मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा को उस समय गिरफ्तार किया जब वह नेपाल भागने की फिराक में था। इस मामले में अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
बीकानेर के जेपी डारा की महत्वपूर्ण भूमिका
जांच में सामने आया कि बीकानेर (राजस्थान) निवासी जेपी डारा इस गिरोह का अहम हिस्सा था। वह न केवल गिरोह को वित्तीय मदद (Financial Support) उपलब्ध कराता था, बल्कि अन्य जरूरी संसाधन भी मुहैया करवाता था। बीकानेर पुलिस के सहयोग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में बीकानेर और राजस्थान के अन्य जिलों में फैले नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
रेकी कर वीडियो भेजना और धमकी देना
SIT चीफ राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि आरोपी व्यापारियों को व्हाट्सएप कॉल करते थे। पीड़ितों को डराने के लिए आरोपी उनके घर की रेकी करते और उसका वीडियो बनाकर भेजते थे। सबसे पहले 16 अप्रैल को रेकी करने वाले आरोपी निर्मल तिवारी (निवासी बांदा, यूपी) को पकड़ा गया था, जिससे मिली सूचना के आधार पर मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा तक पुलिस पहुँची।
हैरी बॉक्सर और लॉरेंस बिश्नोई का नाम
गिरोह के गुर्गे व्यापारियों को फोन कर खुद को हैरी बॉक्सर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते थे। पुलिस अब हैरी बॉक्सर की कुंडली खंगाल रही है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल और कॉल डिटेल से कई सफेदपोशों के नाम सामने आने की संभावना है।
डीजीपी के निर्देश पर गठित हुई थी SIT
मामले की गंभीरता और लॉरेंस गैंग का नाम सामने आने के बाद एमपी के डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर विशेष SIT और STF का गठन किया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने एमपी और राजस्थान के कितने व्यापारियों से अब तक कितनी फिरौती वसूली है।

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