— सड़क से लेकर अस्पताल तक प्रदर्शन: डॉ. बिंदु बाला मित्तल को तुरंत हटाने की मांग को लेकर डिस्पेंसरी परिसर में धरने पर बैठे आक्रोशित स्थानीय लोग; पुलिस ने संभाला मोर्चा।
— जनप्रतिनिधि से भी बदसलूकी: पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद अहमद ने लगाए गंभीर आरोप; बोले— शिकायत मिलने पर जब मैं खुद डॉक्टर से बात करने पहुंचा तो मेरे साथ भी किया गया दुर्व्यवहार।
— तुरंत एक्शन: विवाद बढ़ता देख सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने महिला चिकित्सक को किया एपीओ (APO), आरसीएचओ कार्यालय किया अटैच; नए डॉक्टर की तैनाती की तैयारी।
बीकानेर, 30 मई ( शनिवार)। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों के थप्पड़ कांड और कार्य बहिष्कार के बड़े बवाल के बीच आज शहर की जमीनी चिकित्सा व्यवस्था (डिस्पेंसरी) में भी एक बड़ा और हाई-वोल्टेज हंगामा सामने आया है। बीकानेर शहर के कोटगेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 5 नंबर डिस्पेंसरी (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में शनिवार को स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
वहां कार्यरत महिला चिकित्सक डॉ. बिंदु बाला मित्तल पर मरीजों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार और बदसलूकी करने के संगीन आरोप लगाते हुए लोग डिस्पेंसरी परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए। विवाद की सूचना मिलते ही कोटगेट पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बिगड़ते माहौल को शांत करवाने के प्रयास शुरू किए।
पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद अहमद ने खोला मोर्चा, बोले— "सोचिए आम मरीज का क्या हाल होता होगा"
इस पूरे विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब शहर के प्रतिष्ठित कांग्रेस नेता और पूर्व यूआईटी (UIT) चेयरमैन मकसूद अहमद स्थानीय लोगों की शिकायत पर खुद डिस्पेंसरी पहुंचे।
मकसूद अहमद ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने डॉक्टर पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए कहा:
"संबंधित महिला चिकित्सक डॉ. बिंदु बाला मित्तल के अड़ियल और अभद्र व्यवहार को लेकर पिछले काफी समय से क्षेत्र के गरीब और लाचार मरीजों की शिकायतें मिल रही थीं। शनिवार को जब मैं खुद हकीकत जानने और मरीजों की समस्या के समाधान के लिए डिस्पेंसरी पहुंचा, तो डॉक्टर ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर मेरे साथ भी बेहद अनुचित और दुर्व्यवहार किया। यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ डॉक्टर की बातचीत का लहजा और तरीका ऐसा है, तो रोज़ाना आने वाले सीधे-साधे और आम मरीजों के साथ इनका व्यवहार कितना प्रताड़ित करने वाला होता होगा, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।"
डॉक्टर को हटाने की मांग पर अड़े लोग, परिसर बना अखाड़ा
डिस्पेंसरी में मरीजों की दवाई और इलाज के पर्चे छोड़ डॉक्टर को तुरंत सस्पेंड या ट्रांसफर करने की मांग गूंजने लगी। बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने डिस्पेंसरी के भीतर ही दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि यह डिस्पेंसरी परकोटे के भीतर के एक बड़े वर्ग के लिए लाइफलाइन है, लेकिन डॉक्टर के डर और खराब रवैये के कारण मरीज यहाँ आने से कतराने लगे हैं। कोटगेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश की, लेकिन लोग मौके पर ही उच्च चिकित्सा अधिकारियों को बुलाने की विधिक मांग पर अड़े रहे।
सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध का त्वरित हंटर, डॉक्टर एपीओ
मामले की गंभीरता, कोटगेट पुलिस के इनपुट और जनप्रतिनिधियों के भारी आक्रोश को देखते हुए बीकानेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। सीएमएचओ ने माहौल को शांत करने और व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए डॉ. बिंदु बाला मित्तल को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया है। उन्हें 5 नंबर डिस्पेंसरी के चार्ज से हटाकर जिला आरसीएचओ कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉक्टर को हटाने के इस आधिकारिक लिखित आश्वासन के बाद ही स्थानीय नागरिकों ने अपना धरना समाप्त किया और डिस्पेंसरी में वापस काम सामान्य हो सका। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, 5 नंबर डिस्पेंसरी में आमजन की सहूलियत के लिए किसी अन्य संवेदनशील और योग्य नए डॉक्टर के पदस्थापन (Posting) की विधिक तैयारी विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल आरोपी महिला चिकित्सक की तरफ से कोई आधिकारिक पक्ष या सफाई सामने नहीं आई है।

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