— सन्नाटा चीरती आवाज: शनिवार दोपहर को अचानक दफ्तरों, बाजारों और घरों में एक साथ बजने लगे मोबाइल; विशेष फ्लैश मैसेज देखकर घबराए लोग।
— बवंडर का रीयल-टाइम इनपुट: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने महा-अंधड़ आने से ठीक पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जारी किया था आपातकालीन संदेश।
— डरे नहीं, सजग रहें: प्रशासन ने दी सफाई— लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि कुदरती आफत (धूलभरे तूफान) से जान-माल की रक्षा के लिए टेस्ट की गई डिजिटल प्रणाली।
बीकानेर, 30 मई (शनिवार)। बीकानेर संभाग में आज उस समय एक अजीब सी हलचल और कौतूहल का माहौल पैदा हो गया, जब दोपहर के समय शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक मौजूद हजारों नागरिकों के मोबाइल फोन एक साथ एक विशेष और तेज 'बीप' की ध्वनि के साथ बजने लगे। फोन साइलेंट मोड पर होने के बावजूद लाउड साउंड के साथ गूंजी इस आपातकालीन चेतावनी (इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम) ने कुछ पलों के लिए लोगों के होश उड़ा दिए।
स्क्रीन पर लाल या पीले रंग के पॉप-अप के साथ मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से जारी कड़ा चेतावनी संदेश दिखाई दे रहा था। अचानक आए इस डिजिटल अलर्ट से लोग घबरा गए और बाजारों व सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट शेयर कर एक-दूसरे से हकीकत जानने की कोशिश करने लगे।
बाजारों और दफ्तरों में एक साथ मची खलबली, लोग समझे तकनीकी खराबी
शनिवार दोपहर बाद जब शहर भीषण नौतपा की गर्मी और अचानक छा रहे रेतीले बवंडर के मुहाने पर खड़ा था, ठीक उसी वक्त इस इमरजेंसी अलर्ट ने दस्तक दी।
- एक साथ बजे फोन: कलेक्ट्रेट, कचहरी, केईएम रोड के बाजारों, रेलवे स्टेशन और घरों में मौजूद लोगों के स्मार्टफोन एक अजीब साइरन जैसी आवाज के साथ वाइब्रेट होने लगे।
- कौतूहल का माहौल: शुरुआत में कई सरकारी कर्मचारियों और दुकानदारों को लगा कि शायद उनके फोन में कोई तकनीकी खराबी आ गई है या फोन हैक हो गया है। लेकिन जब आस-पास खड़े सभी लोगों के मोबाइलों से वैसी ही तेज ध्वनि सुनाई दी, तब जाकर समझ आया कि यह सरकार की ओर से भेजा गया कोई सेंट्रलाइज्ड मैसेज है।
अलर्ट में क्या थी चेतावनी? 'घरों से बाहर न निकलें, वाहन चालक रहें सतर्क'
मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस रीयल-टाइम आपातकालीन संदेश में बीकानेर और आस-पास के क्षेत्रों में प्रचंड धूलभरी आंधी, रेतीले तूफान और अत्यधिक प्रतिकूल मौसम की तत्काल संभावना को लेकर आमजन को सतर्क रहने की कड़ी सलाह दी गई थी। संदेश में मुख्य रूप से यह हिदायत दी गई थी:
- खुले क्षेत्रों, खेतों या गोचर (रोही) में मौजूद लोग तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित थानों में शरण लें।
- हाईवे और मुख्य सड़कों पर चल रहे वाहन चालक आंधी के दौरान विजिबिलिटी शून्य होने की आशंका को देखते हुए गाड़ियों की हेडलाइट ऑन कर उन्हें सुरक्षित किनारे रोक लें।
- बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर, जर्जर होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से सख्त परहेज करें।
आफत से पहले अलर्ट: पश्चिमी राजस्थान में बदला है मौसम का मिजाज
गौरतलब है कि बीकानेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान और भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में पिछले दो दिनों से मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते मौसम तेजी से करवट ले रहा है। मरुधरा के कई हिस्सों में रेतीले बवंडर उठ रहे हैं और तेज अंधड़ का दौर जारी है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में किसी भी बड़ी जनहानि या मवेशियों के नुकसान को रोकने के लिए सरकार इस आधुनिक 'सैल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग कर रही है।
प्रशासन की अपील— अफवाहों पर ध्यान न दें: अचानक बजने वाली इस तेज चेतावनी ध्वनि के कारण सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी तैरने लगीं। इस पर जिला प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रकार के अलर्ट लोगों में भय या दहशत पैदा करने के लिए नहीं होते। यह एक लाइफ-सेविंग (जान बचाने वाली) तकनीक है, ताकि किसी भी बड़े चक्रवात या अंधड़ के आने से चंद मिनट पहले जनता को सजग किया जा सके। जनता को इस व्यवस्था का स्वागत करना चाहिए और निर्देशों का पालन करना चाहिए।



0 Comments