Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर के पत्रकारों का बड़ा कदम: भूखंड आवंटन और 'क्राउन पार्क' के लिए कलेक्टर को घेरा, लॉटरी सिस्टम में बदलाव की मांग

India-1stNews



​– बड़ी मांग: पत्रकारों के लिए आरक्षित भूखंडों के आवंटन में पारदर्शिता और गति लाने की मांग; बीडीए की कॉलोनियों में स्थिति स्पष्ट करने पर जोर।

प्रशासनिक हस्तक्षेप: कलेक्टर ने कहा—लॉटरी तक ही रहता है आरक्षण; पत्रकारों ने राज्य सरकार को नया प्रस्ताव भेजने का किया आग्रह।

हक की लड़ाई: पब्लिक पार्क स्थित 'क्राउन पार्क' को निजी फर्म से मुक्त कराकर पुनः पत्रकारों को सौंपने की उठी पुरजोर मांग।

बीकानेर, 1 मई (शुक्रवार)। बीकानेर के पत्रकारों ने अपने हितों और लंबे समय से लंबित भूखंड आवंटन की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई है। जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (JAR), बीकानेर इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के चेयरमैन निशांत जैन से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने आवंटन प्रक्रिया में हो रही देरी को प्रशासनिक असंतुलन बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।

पारदर्शिता और शिविर लगाने का सुझाव

वरिष्ठ पत्रकार अनुराग हर्ष के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बीकानेर में अब तक केवल दो बार ही पत्रकारों को भूखंड मिले हैं। बड़ी संख्या में सक्रिय और योग्य पत्रकार आज भी इस सुविधा से वंचित हैं। संगठन ने मांग की कि बीडीए की सभी कॉलोनियों में पत्रकारों के लिए आरक्षित भूमि को चिन्हित किया जाए। साथ ही, प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से विशेष शिविर लगाकर दस्तावेजों की जांच और पात्रता निर्धारण करने का सुझाव दिया गया।

राज्य सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

वार्ता के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से आरक्षण केवल लॉटरी प्रक्रिया तक ही प्रभावी रहता है। इस पर प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार को एक विशेष प्रस्ताव भेजा जाए ताकि आरक्षित भूखंडों का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया।

'क्राउन पार्क' पर हक की वापसी की मांग

ज्ञापन में एक प्रमुख मुद्दा पब्लिक पार्क स्थित “क्राउन पार्क” का भी उठा। पत्रकारों ने बताया कि यह पार्क पूर्व में पत्रकारों को आवंटित था, लेकिन बाद में इसे एक निजी फर्म को सौंप दिया गया, जो पत्रकारों के साथ अन्याय है। संगठन ने मांग की कि पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक योगदान से विकसित इस पार्क को पुनः उन्हें सौंपा जाए। कलेक्टर ने इस मामले का परीक्षण (Technical Review) करवाने की बात कही।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अनुराग हर्ष के साथ पूर्व अध्यक्ष राजेश ओझा, आनंद आचार्य, बृज मोहन रामावत, विनय थानवी, मनोज व्यास, श्याम नारायण रंगा, योगेश खत्री, कुलदीप चारण और शिवराज पंचारिया सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments