— त्वरित एक्शन: 'कातिल स्क्रीनशॉट' और एफआईआर दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी को कोलायत क्षेत्र से किया राउंडअप।
— 2 साथियों की तलाश: सब्जी में जहर मिलाकर श्यामसुंदर की हत्या का षड्यंत्र रचने वाले सहयोगी मानक और हरी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दे रही हैं दबिश।
— विशेष भूमिका: मुक्ताप्रसाद नगर थानाधिकारी विजेंद्र सीला के नेतृत्व में कांस्टेबल छगनलाल और कालिका टीम की महिला कांस्टेबल सोनू कंवर की रही अहम भूमिका।
बीकानेर, 29 मई (शुक्रवार)। बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर (MP Nagar) थाना क्षेत्र के बंगला नगर में दो दिन पूर्व सामने आए बहुचर्चित और सनसनीखेज पति जहरकांड मामले में पुलिस ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शादी के महज दो महीने बाद ही अपने कथित प्रेम प्रसंग और साजिश के तहत पति श्यामसुंदर को सब्जी में जहरीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतारने का प्रयास करने वाली मुख्य आरोपी पत्नी भगवती को मुक्ताप्रसाद नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
रेंज आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा द्वारा महिलाओं व पारिवारिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत पुलिस की विशेष टीम ने इस शातिर महिला को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
क्या था पूरा मामला और खूनी साजिश?
मुक्ताप्रसाद नगर थानाधिकारी विजेंद्र सीला (पुलिस निरीक्षक) ने बताया कि गत 27 मई 2026 को पीड़ित युवक के पिता करणाराम गेधर ने थाने में उपस्थित होकर अपनी पुत्रवधू भगवती और उसके दो साथियों मानक व हरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था।
पिता करणाराम ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे श्यामसुंदर की शादी दो महीने पहले कोलायत के माधोगढ़ की रहने वाली भगवती से हुई थी। शादी के बाद से ही वह लगातार घर में कलेश करती थी। गत 22 मई 2026 को आरोपी पत्नी भगवती ने अपने साथियों मानक और हरी के साथ मोबाइल चैटिंग पर खौफनाक स्क्रिप्ट तैयार की। इसके बाद उसने श्यामसुंदर को जान से मारने की नीयत से दोपहर के भोजन (सब्जी) में घातक जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। जहरीली सब्जी खाते ही श्यामसुंदर की तबीयत बिगड़ गई, जिसे गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
उच्चाधिकारियों के सुपरविजन में बनी विशेष टीम, घेराबंदी कर दबोचा
इंटरनेट और मोबाइल चैटिंग के पुख्ता स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद बीकानेर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडिशनल एसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी (CO) अनुज डाल के निकट सुपरविजन में थानाधिकारी विजेंद्र सीला के नेतृत्व में एक त्वरित टीम का गठन किया गया।
मामले के अनुसंधान अधिकारी (IO) उपनिरीक्षक रतनाराम ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी महिला के ठिकानों को ट्रैक किया। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी भगवती (पुत्री हनुमान राम जाट, निवासी— माधोगढ़, तहसील कोलायत) को धरदबोचा। महिला आरोपी होने के कारण पुलिस की विशेष विंग 'कालिका टीम' की मदद से उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
इस जांबाज टीम को मिली सफलता (कांस्टेबल छगनलाल की रही विशेष भूमिका)
वारदात के चंद घंटों के भीतर ही महिला आरोपी को दबोचने में मुक्ताप्रसाद नगर थाने की इस टीम ने सराहनीय कार्य किया:
- विजेन्द्र सीला (पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी, मुक्ताप्रसाद नगर)
- रतनाराम (उपनिरीक्षक एवं अनुसंधान अधिकारी)
- रवीन्द्र (कांस्टेबल)
- छगनलाल (कांस्टेबल — आरोपी को ट्रेस करने में रही विशेष व मुख्य भूमिका)
- श्रीमती सोनू कंवर (महिला कांस्टेबल, बेल्ट नंबर 1631 — कालिका टीम, बीकानेर)
फॉरेंसिक जांच और फरार साथियों की तलाश तेज
थानाधिकारी विजेंद्र सीला ने बताया कि गिरफ्तारशुदा आरोपी पत्नी भगवती को शनिवार को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि उसने पति को देने के लिए यह घातक जहर कहां से और किस दुकान से खरीदा था। इसके साथ ही, इस पूरी कातिल साजिश के सह-आरोपी मानक और हरी वर्तमान में गिरफ्तारी के डर से बीकानेर छोड़कर फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें कोलायत और आस-पास के जिलों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों सह-आरोपियों को भी सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा।

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