— सरेराह गुंडागर्दी: संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में देर रात सिटी स्कैन रूम के पास हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा; घायल युवती ने महिला डॉक्टर प्रतिभा पर हाथ उठाया।
— सुरक्षा पर अड़े डॉक्टर: शनिवार सुबह से रेजिडेंट डॉक्टरों ने पूरी तरह बंद किया काम; ट्रॉमा सेंटर की न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और जनरल सर्जरी की आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित।
बीकानेर, 30 मई (शनिवार)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम (PBM) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में देर रात एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मरीज युवती द्वारा मारपीट और थप्पड़ जड़ने की शर्मनाक घटना के बाद शनिवार सुबह माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इस घटना से आक्रोशित रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने शनिवार सुबह से ही संपूर्ण कार्य बहिष्कार (Strike) की घोषणा कर दी है। इसके चलते पीबीएम के मुख्य ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू और इमरजेंसी वॉर्ड्स की चिकित्सा व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और दूर-दराज से आने वाले गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के जबरदस्त आक्रोश को देखते हुए सदर थाना पुलिस का भारी जाब्ता मौके पर मुस्तैद है।
सिटी स्कैन रूम के बाहर हुई कहासुनी, युवती ने आपा खोकर मारा थप्पड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को घटित हुई। देर रात एक सड़क हादसे में घायल हुई एक युवती को प्राथमिक उपचार के लिए पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे अटेंड किया और प्राथमिक इलाज दिया। इसके बाद ऑन-ड्यूटी महिला रेजिडेंट डॉ. प्रतिभा एक अन्य गंभीर मरीज के सिटी स्कैन की जरूरी विधिक प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए ट्रॉमा सेंटर स्थित सिटी स्कैन रूम की तरफ गईं।
इसी दौरान उक्त घायल युवती भी अपने परिजनों के साथ सिटी स्कैन रूम के बाहर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर डॉ. प्रतिभा और उस युवती के बीच अचानक कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि युवती ने आपा खो दिया और कानून हाथ में लेते हुए महिला डॉक्टर डॉ. प्रतिभा को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया, जिससे डॉक्टर के चेहरे और कान पर चोटें आईं।
रात भर चला हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस के सामने भी तने रहे दोनों पक्ष
सरेराह महिला डॉक्टर पर हाथ उठाए जाने की खबर मिलते ही ट्रॉमा सेंटर का पूरा नर्सिंग स्टाफ, गार्ड्स और साथी रेजिडेंट डॉक्टर्स मौके पर एकत्रित हो गए और हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी के बाद भी दोनों पक्षों के बीच घंटों तक तीखी नोकझोंक और तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी देर रात बेड से उठकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और दोनों पक्षों में समझाइश का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टर आरोपी युवती की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
शनिवार सुबह से डॉक्टरों की हड़ताल, सुरक्षा की गारंटी पर अड़े रेजिडेंट्स
देर रात की इस घटना से नाराज रेजिडेंट डॉक्टरों ने शनिवार सुबह से ही ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी सेवाओं समेत ट्रॉमा सेंटर के सभी विभागों का कार्य बहिष्कार कर दिया। इसके चलते:
- ये सेवाएं हुईं ठप: ट्रॉमा सेंटर की मुख्य रीढ़ माने जाने वाले न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग), जनरल सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग के काउंटर और वार्ड सूने पड़े हैं।
- मरीजों की आफत: रेजिडेंट्स के हड़ताल पर चले जाने के कारण सीनियर डॉक्टर्स (प्रोफेसर्स) ने मोर्चा तो संभाला है, लेकिन वर्कलोड ज्यादा होने से व्यवस्थाएं भगवान भरोसे नजर आ रही हैं।
आरडीए (RDA) के पदाधिकारियों और आंदोलनकारी डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि अस्पताल परिसर में आए दिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ तीमारदारों द्वारा मारपीट की जाती है। जब तक अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की पुख्ता सुरक्षा (Security Grid) सुनिश्चित नहीं की जाती और आरोपी युवती के खिलाफ राजकार्य में बाधा व डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।पीबीएम अस्पताल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और विधिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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