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नीट पेपर लीक पर बीकानेर में महाआक्रोश: NSUI ने डूंगर कॉलेज के आगे सड़क की जाम; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को बैन करने की मांग

India-1stNews



​— सड़कों पर उतरे छात्र: एनएसयूआई बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष हरिराम गोदारा के नेतृत्व में डूंगर कॉलेज के मुख्य द्वार पर केंद्र सरकार और एनटीए के खिलाफ किया जोरदार विरोध प्रदर्शन।

​— शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा: कार्यकर्ताओं ने देश के 18 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बुलंद की आवाज।

​— गंभीर आरोप: गोदारा ने कहा कि लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं के कारण देश का युवा मानसिक तनाव में है और सुसाइड जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहा है।

बीकानेर, 27 मई (बुधवार)। देशभर में चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET Exam) में सामने आई पेपर लीक और कथित अनियमितताओं की गूंज अब मरुधरा के शैक्षणिक केंद्रों पर भी सुनाई देने लगी है। बीकानेर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने बुधवार को इस राष्ट्रीय मुद्दे को लेकर एक उग्र और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई बीकानेर शहर के जिलाध्यक्ष हरिराम गोदारा के नेतृत्व में आक्रोशित छात्रों और कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रतिष्ठित राजकीय डूंगर महाविद्यालय के सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

18 लाख छात्रों का टूटा भरोसा, लगातार हो रहे लीक सरकार की विफलता: गोदारा

​सड़क जाम कर छात्रों को संबोधित करते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिराम गोदारा ने केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणालियों पर तीखे प्रहार किए। गोदारा ने कहा कि:

​"देशभर के 18 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने दिन-रात एक करके, अपने माता-पिता की गाढ़ी कमाई लगाकर इस परीक्षा की तैयारी की थी। लेकिन चंद भ्रष्टाचारियों और पेपर माफियाओं की सांठगांठ ने इन होनहार युवाओं का भरोसा और हौसला पूरी तरह तोड़ दिया है। एक के बाद एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक होना और उनमें धांधली सामने आना पूरी तरह से सरकार और जांच एजेंसियों की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।"


​गोदारा ने एक बेहद संवेदनशील पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसी बड़ी धांधली के कारण परीक्षा देने वाले योग्य छात्र गहरे मानसिक अवसाद (Depression) और तनाव का शिकार हो रहे हैं। कइयों का भविष्य अंधकार में डूबने के कारण युवा आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस सिस्टम की है।

NSUI ने रखी तीन सूत्रीय प्रमुख मांगें

​प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई और छात्र नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने साफ तौर पर अपनी तीन बड़ी मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि इन पर तुरंत एक्शन नहीं हुआ तो देशव्यापी उग्र आंदोलन छिड़ेगा:

  1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।
  2. NTA पर लगे प्रतिबंध: लगातार विवादों और धांधली के घेरे में रहने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को तत्काल प्रभाव से देश में बैन (प्रतिबंधित) किया जाए।
  3. हाई-लेवल निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाकर इस सिंडिकेट में शामिल बड़े अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

भारी पुलिस जाब्ते के बीच घंटों लगा रहा जाम, छात्र शक्ति ने दिखाई ताकत

​डूंगर कॉलेज के आगे छात्रों के सड़क पर बैठकर चक्काजाम करने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और यातायात पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते रहे। प्रदर्शन के दौरान डूंगर कॉलेज के छात्र नेताओं सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता, कॉलेज छात्र और नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे कोचिंग्स के विद्यार्थी मौजूद रहे।


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