— सुरक्षा का चक्रव्यूह: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीकानेर में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई महाबैठक; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी रहे मौजूद।
— 0-15 किमी पर 'जीरो टॉलरेंस': अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले तमाम अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त (जमींदोज) करने के कड़े निर्देश जारी।
— कलेक्टरों को बड़ी जिम्मेदारी: पांच सरहदी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) अब बैंकों के वित्तीय अनुपालन, बड़े बिजनेस की फंडिंग, म्यूल अकाउंट्स और फर्जी आधार कार्डों की करेंगे बारीकी से जांच।
बीकानेर, 27 मई (बुधवार)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दूसरे दिन आज सरहद की सुरक्षा और आंतरिक कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है। बुधवार को बीकानेर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और अभेद्य बनाने का रोडमैप जारी किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर एवं फलोदी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) व पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक में साफ किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
बॉर्डर पर बनेगा '360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क'
बैठक में सीमा प्रबंधन को और अधिक व्यापक (Comprehensive) व अटूट बनाने के लिए प्रत्येक सीमावर्ती जिले में 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड तैयार करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस एकीकृत प्रयास के तहत:
- सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय जागरूक नागरिक, राज्य सरकार का पूरा प्रशासनिक तंत्र और सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर एक टीम की तरह काम करेंगी।
- सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राज्य पुलिस आपस में रियल-टाइम डेटा शेयरिंग कर एक संयुक्त रणनीति अपनाएंगे।
- इस कड़े ग्रिड के जरिए सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी, अतिक्रमण, आतंकी वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) और अन्य सीमा-पार अपराधों पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाएगा।
सरहद के 15 किलोमीटर के दायरे में चलेंगे बुलडोजर
आंतरिक सुरक्षा और सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति को सख्ती से लागू करने का हुक्म दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में जितने भी अवैध निर्माण या संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित कर जमींदोज (ध्वस्त) किया जाए। इसके लिए किसी भी प्रकार के दबाव को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
डीएम की जवाबदेही तय: म्यूल अकाउंट्स और फर्जी पहचान पत्रों पर 'स्ट्राइक'
गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों (DM) की भूमिका और वित्तीय सतर्कता को बढ़ाते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण एवं नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं:
- बैंकों की निगरानी: जिलों के सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी और वित्तीय अनुपालन (Compliance) सुनिश्चित करवाया जाए।
- बिजनेस वेरिफिकेशन: सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों (Business Establishments) का भौतिक सत्यापन हो और उनके फंडिंग स्रोतों की गहन जांच की जाए।
- फर्जीवाड़े पर रोक: साइबर ठगी और हवाला में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों (Mule Accounts), फर्जी कंपनियों (Shell Companies) और फर्जी आधार कार्डों की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक व कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाए।
- सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे की कमी (Infrastructural Gaps) को तेजी से पूरा किया जाएगा।
- आर्थिक अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी और बॉर्डर पापुलेशन को सशक्त किया जाएगा।
- सीमावर्ती ढाणियों और गांवों में केंद्र व राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का 100% सैचुरेशन (पूर्ण लाभ) सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक विकास की मुख्यधारा से अछूता न रहे।
स्रोतों का गहरा अध्ययन: गृह मंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में अपराध और नशे की समस्या के मूल स्रोतों, उनके पैटर्न और पूरे नेटवर्क का गहराई से स्टडी करें, ताकि समस्याओं को जड़ से खत्म कर एक स्थायी समाधान विकसित किया जा सके।
साइबर ठगी के लिए '1930' और देश में तीन नए आपराधिक कानून
तकनीकी और न्यायिक मोर्चे पर बात करते हुए शाह ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों पर लगाम कसना बेहद जरूरी है। इसके लिए ‘1930’ नेशनल साइबर हेल्पलाइन और कॉल सेंटर का प्रभावी व त्वरित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, देश की न्याय और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हाल ही में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों का जमीनी स्तर पर पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP-II) से रुकेगा पलायन
सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने और अंतिम छोर पर बैठे नागरिकों तक सुशासन पहुंचाने के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) के सफल क्रियान्वयन पर बल दिया गया। इसके तहत:

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