— न्यायालय के हस्तक्षेप से दर्ज हुआ मुकदमा: कोटगेट थाना पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के निर्देश पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में शुरू की जांच।
— संपत्ति विवाद और प्रताड़ना का आरोप: परिवादी लक्ष्मण कुमार सोनी का आरोप— 25-26 साल पहले हुई थी भाई सुरेश की शादी; ससुराल पक्ष लगातार पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए कर रहा था प्रताड़ित।
— पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का दावा: 18 मई को बीदासर बारी बुलाकर मारपीट करने और ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने का आरोप; शिकायत न लेने पर जाना पड़ा कोर्ट।
— ASI जिलेसिंह को सौंपी जांच: 22 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था सुरेश कुमार सोनी; पुलिस हर पहलू से खंगाल रही है साक्ष्य।
बीकानेर, 27 जून (शनिवार)। बीकानेर के कोटगेट थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या किए जाने के मामले में न्यायालय के आदेश पर मृतक के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ गंभीर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवादी ने आरोपियों पर पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए उसके भाई को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से इस कदर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
25-26 साल पुरानी शादी और संपत्ति पर कब्जे का विवाद
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी लक्ष्मण कुमार सोनी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष परिवाद पेश किया था। परिवाद के अनुसार, उनके भाई सुरेश कुमार सोनी की शादी लगभग 25-26 वर्ष पूर्व चन्द्रकान्ता के साथ हुई थी। दोनों की तीन संतानें हैं, जिनमें से दो बेटियों का विवाह हो चुका है। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही सुरेश की पत्नी अपने पीहर पक्ष के प्रभाव में आ गई और घर में लगातार कलह रहने लगा।
विवाद बढ़ता देख सुरेश को उसके पैतृक मकान में अलग रहने की व्यवस्था भी कर दी गई थी, लेकिन ससुराल पक्ष का कथित हस्तक्षेप और दबाव लगातार जारी रहा। आरोप है कि ससुराल पक्ष का मुख्य उद्देश्य सुरेश और उसके भाइयों की पैतृक संपत्ति पर नियंत्रण स्थापित करना था। आरोपियों ने दबाव बनाकर सुरेश से पैतृक संपत्ति का बंटवारा व विक्रय करवाया और बाद में उसकी पत्नी के नाम गंगाशहर रोड पर एक नई संपत्ति खरीदवाई, जिसका पंजीकरण 23 मार्च 2026 को कराया गया। आरोप है कि इस संपत्ति का पूरा भुगतान भी सुरेश से दबाव में कराया गया, जिससे वह गहरे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव में आ गया।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मारपीट का गंभीर आरोप
परिवाद में ससुराल पक्ष के साथ-साथ स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, 18 मई 2026 को सुरेश कुमार सोनी को फोन करके बीदासर बारी स्थित परमेश्वर सोनी के घर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां परमेश्वर सोनी, अशोक सोनी तथा पीहर पक्ष के अन्य लोगों ने दो अज्ञात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सुरेश के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके पैरों और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
मारपीट के बाद उसे पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाकर उपचार दिलाया गया। परिवादी का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उल्टा सुरेश को ही धमकाया कि वह अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी मुकदमा दर्ज न कराए।
थाने और एसपी कार्यालय में सुनवाई न होने पर ली कोर्ट की शरण
घटनाक्रम के अनुसार, 22 मई 2026 को एक पुलिस कर्मचारी ने परिवादी लक्ष्मण कुमार सोनी को फोन पर सूचना दी कि उनके भाई सुरेश कुमार की बीदासर बारी स्थित एक किराये के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है (उसका शव फंदे से लटका मिला)। परिवादी का आरोप है कि यह सीधा आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि उसके भाई को लगातार मारपीट और सामाजिक अपमान के जरिए आत्महत्या के लिए विवश किया गया है या फिर उसकी हत्या की गई है।
मृतक के भाई का आरोप है कि पोस्टमार्टम के दौरान उसने जांच अधिकारी, कोटगेट थानाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोपियों को नामजद करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर पीड़ित पक्ष ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार लगाई। न्यायालय के कड़े रुख और निर्देश के बाद अब कोटगेट थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस पूरे संवेदनशील मामले की कमान और अग्रिम विधिक जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) जिलेसिंह को सौंपी गई है।

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