– शातिर गिरोह: अजय आहूजा के घर चोरी कर हुए थे फरार; पुलिस ने सीसीटीवी और टावर लोकेशन से उदयपुर-डूंगरपुर के बदमाशों को घेरा
– वारदात का तरीका: ताला ठीक करने के बहाने बातों में उलझाया, फिर बैग में भर लिया कीमती सामान; पूर्व में भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
बीकानेर, 24 फरवरी (मंगलवार)। बीकानेर की जेएनवीसी थाना पुलिस ने घरों में ताला-चाबी ठीक करने के बहाने चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने शहर के पॉश इलाके में एक घर की अलमारी ठीक करने के दौरान जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया था।
10 फरवरी को हुई थी वारदात
प्रार्थी अजय आहूजा ने जेएनवीसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 फरवरी को दो अज्ञात व्यक्ति उन्हें रास्ते में मिले, जो ताला-चाबी ठीक करने का काम कर रहे थे। आहूजा उन्हें अपनी अलमारी का लॉक ठीक करवाने के लिए घर ले गए। काम के दौरान उन व्यक्तियों ने प्रार्थी को बातों में उलझाकर नजरें बचाईं और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली। काम पूरा न होने का बहाना बनाकर वे वहां से रफूचक्कर हो गए।
डुंगरपुर से हुई गिरफ्तारी
एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशानुसार थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के पास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों (टॉवर लोकेशन) की मदद ली। सउनि विनोद कुमार की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों का पीछा किया और उन्हें डूंगरपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
- नानक सिंह (35) पुत्र जोगेंद्र सिंह, निवासी कच्ची बस्ती, प्रतापनगर, उदयपुर।
- नानक सिंह (35) पुत्र बहादुर सिंह, निवासी पुराना हॉस्पिटल के पीछे, कोतवाली, डूंगरपुर।
वारदात का तरीका: 'बातें उनकी, माल आपका'
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी गलियों में ताला ठीक करने की आवाज लगाते हुए घूमते हैं। कम पैसों का लालच देकर ये लोगों के घरों में प्रवेश पा लेते हैं। जैसे ही मकान मालिक का ध्यान भटकता है, ये अलमारी या संदूक से कीमती सामान अपने बैग में भर लेते हैं और काम न होने का बहाना बनाकर शहर छोड़ देते हैं।
विशेष योगदान
इस पूरी कार्यवाही में हेड कांस्टेबल ईमीचंद का वारदात का खुलासा करने में विशेष योगदान रहा। टीम में कांस्टेबल सुशील और संग्राम भी शामिल थे।

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