– घोर लापरवाही: शिक्षिका के पीछे क्लास से निकला 4 वर्षीय रामू, गेट खुला होने से अंदर घुसे हिंसक कुत्ते; ग्रामीण ने बचाई जान
– पीबीएम में जिंदगी की जंग: ट्रोमा इंचार्ज बोले— 'सिर पर स्किन लगाने के लिए करनी होगी सर्जरी'; लंबा चलेगा मासूम का इलाज
– आक्रोश: ग्रामीणों ने घेरा स्कूल प्रशासन; पूछा— 'लाखों का बजट, फिर गेट पर गार्ड और सीसीटीवी बंद क्यों?'
बीकानेर, 25 फरवरी (बुधवार)।बीकानेर के ऊपनी गांव स्थित जिले के एकमात्र स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में मंगलवार सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई, जिसने शिक्षा के मंदिर को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्कूल के मुख्य द्वार के भीतर ही हिंसक कुत्तों ने 4 साल के मासूम रामू को बुरी तरह नोंच डाला। मासूम की चीखें स्कूल स्टाफ के कानों तक नहीं पहुँची, गनीमत रही कि पास से गुजर रहे एक ग्रामीण ने कुत्तों के चंगुल से उसे छुड़वाया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पहली बार स्कूल गया था रामू, नहीं पता था ये मंजर दिखेगा
गांव ऊपनी निवासी रामप्रताप सिद्ध का 4 वर्षीय पुत्र रामू मंगलवार को अपने बड़े भाई के साथ पहली बार स्कूल गया था। करीब डेढ़ घंटे क्लास में बैठने के बाद जब एक शिक्षिका बाहर निकलीं, तो बच्चा भी उनके पीछे-पीछे बाहर आ गया। लापरवाही की हद देखिए कि न तो शिक्षिका ने पीछे मुड़कर देखा और न ही स्कूल के खुले मुख्य गेट पर कोई गार्ड मौजूद था। गेट के भीतर ही घात लगाए बैठे कुत्तों ने मासूम पर हमला कर दिया।
पीबीएम ट्रोमा सेंटर में भर्ती: प्लास्टिक सर्जरी की नौबत
बच्चे को गंभीर हालत में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉ. मोहनलाल काजला उसका उपचार कर रहे हैं। ट्रोमा इंचार्ज डॉ. एलके कपिल ने बताया कि कुत्तों ने बच्चे के सिर की चमड़ी को इस कदर नुकसान पहुँचाया है कि वहां प्लास्टिक सर्जरी करनी होगी। घाव गहरे होने के कारण इलाज की प्रक्रिया लंबी और जटिल होगी।
सवालों के घेरे में स्कूल प्रशासन
घटना के बाद ऊपनी गांव में भारी रोष है। सरपंच रामेश्वरलाल गोदारा और ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन पर 'लीपापोती' करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के तीखे सवाल प्रशासन को असहज कर रहे हैं:
- स्कूल का मुख्य गेट हमेशा खुला क्यों रहता है?
- लाखों के बजट वाले मॉडल स्कूल के गेट पर गार्ड क्यों नहीं है?
- स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद क्यों रखे गए हैं?
- बच्चा क्लास से गेट तक आ गया, तो किसी भी स्टाफ की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी?
प्रधानाचार्य की सफाई: 'कुत्ते पहले भी कर चुके हैं हमला'
स्कूल के प्रधानाचार्य सुभाष मीणा ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि अधिकांश स्टाफ बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ये कुत्ते पहले भी कई पशुओं और एक बालक पर हमला कर चुके हैं, जिसकी शिकायत की गई थी। हालांकि, स्कूल परिसर के भीतर सुरक्षा में हुई चूक पर उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था।

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