– आधुनिक तकनीक: डॉ. कपिलेश्वर विजय (GI सर्जन) ने रोबोटिक पद्धति से किया जटिल वेंट्रल हर्निया का ऑपरेशन।
– दर्द से आजादी: फिटनेस प्रेमी राजेश मेहता को मिला नया जीवन; बिना बड़े चीरे और कम खून बहे सफल हुई सर्जरी।
– सटीक परिणाम: 3D हाई-डेफिनिशन विजन से जटिल मामलों में भी सटीकता; मरीज को अस्पताल में बिताने पड़े मात्र 24 घंटे।
जयपुर/बीकानेर, 23 मार्च (सोमवार)।आज के दौर में चिकित्सा विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि जटिल से जटिल ऑपरेशन भी अब बिना किसी बड़े चीरे या लंबे दर्द के संभव हैं। जयपुर के इटर्नल हॉस्पिटल में वरिष्ठ जीआई (GI) सर्जन डॉ. कपिलेश्वर विजय ने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से एक व्यवसायी को हर्निया की समस्या से स्थायी राहत दिलाई है।
केस स्टडी: जब फिटनेस बनी चुनौती
जयपुर के 48 वर्षीय व्यवसायी और फिटनेस प्रेमी राजेश मेहता पेट की सूजन और वजन उठाने के दौरान होने वाले दर्द से परेशान थे। जांच में 'वेंट्रल हर्निया' (पेट की मांसपेशियों का कमजोर होना) की पुष्टि हुई। ओपन सर्जरी के नाम से घबराने वाले राजेश के लिए डॉ. कपिलेश्वर विजय ने 'रोबोटिक सर्जरी' का विकल्प सुझाया, जो उनके लिए वरदान साबित हुआ।
हर्निया: क्या हैं शुरुआती संकेत?
डॉक्टरों के अनुसार, हर्निया को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:
- पेट या जांघ के पास असामान्य सूजन।
- भारीपन महसूस होना या रुक-रुक कर दर्द।
- खांसने, छींकने या वजन उठाते समय तीव्र तकलीफ।
- अचानक सूजन का बढ़ना और असहनीय दर्द।
क्यों खास है रोबोटिक सर्जरी? (फायदे)
डॉ. कपिलेश्वर विजय ने बताया कि पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक तकनीक के कई लाभ हैं:
- 3D विजन: सर्जन को ऑपरेशन टेबल पर 3D हाई-डेफिनिशन विजन मिलता है, जिससे नसों और ऊतकों की बारीक समझ रहती है।
- न्यूनतम चीरा: शरीर पर बहुत छोटे निशान आते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
- तेज रिकवरी: राजेश मेहता सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद चलने लगे और महज 24 घंटे में उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
- सटीक रिपेयर: जटिल हर्निया के मामलों में भी यह तकनीक सबसे सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है।
"रोबोटिक सर्जरी ने मेरा पूरा अनुभव बदल दिया। मुझे ज्यादा दर्द नहीं हुआ और मैं बहुत जल्दी अपनी सामान्य जिंदगी में लौट आया।" — राजेश मेहता (मरीज)


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