– सनसनीखेज वारदात: एडीएम सिटी कार्यालय के पास खुद पर छिड़का ज्वलनशील पदार्थ; एसपी कार्यालय की तरफ भागते हुए खुद को किया आग के हवाले।
– देवदूत बने पुलिसकर्मी: मौके पर तैनात जवानों ने कंबल और कपड़ों की मदद से बुझाई आग; गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती।
– जांच जारी: खाजूवाला के 4 बीजीएम भागू गांव का निवासी है पीड़ित रामलाल; आखिर किस मजबूरी में उठाया यह कदम, पुलिस जुटा रही जानकारी।
बीकानेर, 13 मार्च (शुक्रवार)।बीकानेर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खाजूवाला क्षेत्र के एक व्यक्ति ने सरेआम खुद को आग लगाकर जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
एसपी ऑफिस की ओर भागते हुए लगाई आग
जानकारी के अनुसार, खाजूवाला के 4 बीजीएम भागू गांव का निवासी रामलाल (पुत्र चेतनराम) शुक्रवार दोपहर अचानक एडीएम सिटी कार्यालय के पास पहुँचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने अपने पास मौजूद ज्वलनशील पदार्थ को शरीर पर डाला और चिल्लाते हुए एसपी कार्यालय की ओर भागा। इसी दौरान उसने खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों से घिर गया।
पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से बची जान
वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे ही रामलाल को आग की लपटों में घिरा देखा, वे तुरंत उसकी ओर दौड़े। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाई और झुलसी हुई हालत में उसे तुरंत पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया।
क्यों उठाया यह कदम?
रामलाल ने आत्मदाह का प्रयास क्यों किया, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि वह किसी मामले में पुलिस कार्रवाई या प्रशासनिक सुनवाई न होने से परेशान था।डॉक्टरों के अनुसार रामलाल काफी झुलस चुका है और उसका इलाज जारी है।पुलिस अब रामलाल के परिजनों से संपर्क कर रही है और खाजूवाला थाने से भी उसके रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद एफएसएल (FSL) टीम ने मौके पर पहुँचकर युवक के जले हुए मोबाइल और अन्य अवशेषों को अपने कब्जे में लिया।
दस्तावेजों में मिला एकमात्र 'परिवाद'
रामलाल के पास मौजूद लगभग सभी जरूरी दस्तावेज और मोबाइल आग की भेंट चढ़ गए, लेकिन पुलिस को एक कागज सुरक्षित मिला है।
- क्या है उस कागज में? बताया जा रहा है कि यह वही परिवाद (शिकायत) है जिसे रामलाल एसपी को सौंपना चाहता था। पुलिस ने इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को अपनी जांच का मुख्य आधार बनाया है।
एसपी का खुलासा: महिला के उत्पीड़न का था मामला
बीकानेर एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि रामलाल ने कुछ समय पहले एक महिला के खिलाफ उसे परेशान करने का आरोप लगाते हुए एक परिवाद पेश किया था। हालांकि, मामले में नया मोड़ तब आया जब रामलाल ने बाद में खुद एक लिखित पत्र देकर पुलिस से कहा था कि उसे इस मामले में अब कोई कार्रवाई नहीं करवानी है और वह अपनी शिकायत वापस लेता है।
अनसुलझे सवाल: आखिर फिर क्यों आया एसपी ऑफिस?
एसपी सागर ने कहा कि जांच अब इस बिंदु पर टिकी है कि जब रामलाल ने खुद शिकायत वापस ले ली थी, तो वह फिर से एसपी ऑफिस क्यों आया?
- क्या उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव था?
- क्या शिकायत वापस लेने के बाद भी उसे परेशान किया जा रहा था?
- आखिर वे कौन से कारण रहे जिन्होंने उसे इतना मजबूर कर दिया कि उसने कलेक्ट्रेट परिसर में खुद को आग लगा ली?
फिलहाल, रामलाल का पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है और पुलिस उसके बयान दर्ज करने का इंतजार कर रही है।

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