– खाकी पर दाग: पीड़ित का दावा— "19 फरवरी को न्याय की उम्मीद में थाने पहुँचा, पर पुलिस ने अधिकारों का हनन कर हवालात में डाल दिया।"
– DySP और SHO निशाने पर: उच्चाधिकारियों और थानाधिकारी पर भेदभावपूर्ण व्यवहार और अनुचित दबाव बनाने का लगाया आरोप।
– वीडियो वार: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं तीखे सवाल।
बीकानेर, 25 मार्च (बुधवार)। शहर के नयाशहर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर विवादों के घेरे में है। नत्थूसर गेट निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस पर प्रताड़ना के सनसनीखेज आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले से जुड़े वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे आमजन में भारी रोष देखा जा रहा है।
क्या है पीड़ित का दावा?
पीड़ित ने एक वीडियो जारी कर बताया कि वह 19 फरवरी को अपने साथ हुई किसी पुरानी घटना की प्रगति जानने और कानूनी मदद के लिए नयाशहर थाने गया था। आरोप है कि वहां उसकी सुनवाई करने के बजाय, एक डीवाईएसपी (DySP) और नयाशहर थानाधिकारी ने उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया। पीड़ित का कहना है कि उसे डराया-धमकाया गया और बिना किसी ठोस कारण के लॉकअप में बंद कर दिया गया।
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित के अनुसार, थाने के भीतर उसे न केवल मानसिक रूप से तोड़ा गया, बल्कि शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। सोशल मीडिया पर फैल रहे वीडियो में पीड़ित अपनी आपबीती सुनाते हुए पुलिस के रवैये पर सवाल उठा रहा है। इस घटना ने 'आमजन में विश्वास' के पुलिसिया नारे पर सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
वीडियो वायरल होने के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के उच्चाधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों की इस चुप्पी ने मामले को और अधिक तूल दे दिया है। स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन अब इस पूरे प्रकरण की किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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