– खौफनाक धमकी: "रुपए नहीं दिए तो रोज लगेगी 10 हजार की पेनल्टी"; स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने घर आकर दी थी चेतावनी।
– मानसिक अवसाद: सट्टेबाजों के दबाव में गुमसुम रहने लगा था 45 वर्षीय मालाराम; बुधवार को खेत में मिला अचेत, अस्पताल में हुई मौत।
– पुलिस एक्शन: मृतक के पिता शंकर लाल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज; स्कॉर्पियो नंबर RJ 23 BH 3063 के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज।
बीकानेर, 23 अप्रैल (गुरुवार)। नोखा कस्बे में क्रिकेट सट्टेबाजी के अवैध कारोबार से जुड़ी एक बेहद दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ के भट्टड़ स्कूल क्षेत्र निवासी मालाराम सोनी (45) ने सट्टेबाजों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जहर पी लिया। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्कॉर्पियो सवारों ने घर आकर दी थी 'पेनल्टी' की धमकी
मृतक के पिता शंकर लाल ने नोखा थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि मालाराम घर में ही सोने-चांदी का काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले एक स्कॉर्पियो गाड़ी (नंबर: RJ 23 BH 3063) उनके घर आई। उसमें सवार 3-4 लोगों ने मालाराम को घर से थोड़ा दूर ले जाकर धमकाया। आरोपियों ने कहा, "क्रिकेट बुकी के रुपए बकाया हैं, अगर तुरंत नहीं दिए तो रोज 10 हजार रुपए की पेनल्टी देनी पड़ेगी।"
22 अप्रैल को फिर पहुंचे बदमाश
धमकी के बाद से मालाराम गहरे सदमे में था। 22 अप्रैल को वही गाड़ी फिर घर पहुँची। उस समय मालाराम घर पर नहीं था, तो आरोपियों ने महिलाओं से बदसलूकी की और धमकी देकर चले गए। परिजनों ने जब मालाराम को फोन किया तो उसका मोबाइल बंद मिला, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
खेत में मिली जहर की बोतल और अचेत मालाराम
बुधवार दोपहर मालाराम के भाई रामलाल ने पिता को फोन कर तुरंत सिंजगुरू गांव स्थित खेत पर बुलाया। जब परिजन वहाँ पहुँचे, तो मालाराम बेहोशी की हालत में पड़ा था और पास ही जहर की खाली बोतल पड़ी थी। उसे तत्काल नोखा के बागड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत में बीकानेर रेफर किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
पुलिस जांच और बढ़ता आक्रोश
पिता शंकर लाल का आरोप है कि अज्ञात सट्टेबाजों ने उनके बेटे को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने गाड़ी नंबर और पिता के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है जो उस स्कॉर्पियो में सवार थे।

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